हिमाचल प्रदेश में इस विंटर सीजन में बारिश और बर्फबारी ने निराश किया है। इस बार सामान्य से 30 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार- 1 जनवरी से 18 फरवरी के बीच सामान्य बारिश 145.3 मिलीमीटर होती है, लेकिन इस बार केवल 101.9 मिलीमीटर बारिश हुई है। IMD के मुताबिक- अगले चार दिन तक भी बारिश और बर्फबारी के आसार नहीं हैं। प्रदेश में आज से 22 फरवरी तक धूप खिलने का पूर्वानुमान है। साफ मौसम के कारण तापमान में उछाल आने की संभावना है। हालांकि, बीते 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस कम रहा। सोलन के तापमान में सबसे ज्यादा 8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और अधिकतम तापमान गिरकर 15.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। सुंदरनगर का तापमान 6.2 डिग्री की गिरावट के बाद 19.3 डिग्री, शिमला का 5.1 डिग्री की कमी के साथ 13.1 डिग्री, मनाली का 3.6 डिग्री गिरकर 12.4 डिग्री और मंडी का अधिकतम तापमान 3.9 डिग्री की गिरावट के बाद 19.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कम बारिश से किसान-बागवान चिंतित विंटर सीजन में कम बारिश के कारण किसानों-बागवानों की चिंताएं बढ़ रही है। गर्मियों के दौरान इसका असर जलस्रोतों, कृषि और बागवानी पर पड़ सकता है। विशेषकर सेब उत्पादक क्षेत्रों में पर्याप्त बर्फबारी न होना चिंता का विषय माना जा रहा है, क्योंकि ठंड और बर्फ से फसलों को प्राकृतिक नमी मिलती है। ऊंचे पहाड़ों पर 23 को बर्फबारी हालांकि मौसम विभाग ने 23 फरवरी को एक नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने का संकेत दिया है। इसके प्रभाव से ऊंचे और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। फिलहाल प्रदेशवासियों को कुछ दिन और साफ व शुष्क मौसम का सामना करना पड़ेगा।

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