हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज तीसरा दिन है। सदन में केंद्र सरकार द्वारा रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद किए जाने के मुद्दे पर सरकारी संकल्प पर चर्चा जारी रहेगी। आखिर में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज इस चर्चा का जवाब देंगे। इसके बाद सरकारी संकल्प को सदन में पारित कर केंद्र को RDG बहाली के लिए भेजा जाएगा। बताया जा रहा है कि हिमाचल सीएम सुक्खू समेत सभी कैबिनेट मंत्री और विधायक दिल्ली जाकर RDG बहाली के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने दिल्ली जाएंगे। इस दौरान सदन में पास सरकारी संकल्प भी प्रधानमंत्री को सौंपा जाएगा। लिहाजा सदन में RDG को लेकर भारतीय जनता पार्टी के रुख पर सबकी नजरे रहेगी। सत्तापक्ष बार बार यही सवाल पूछ रहा है कि बीजेपी क्या RDG बंद करने के विरोध में है या पक्ष में है। वित्त आयोग ने RDG बंद करने की सिफारिश की बता दें कि 16वें वित्त आयोग ने केंद्र सरकार से RDG बंद करने की सिफारिश की है। प्रदेश को इससे हर साल लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होगा। राज्य पहले ही आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है और छोटे से राज्य हिमाचल पर 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपए का कर्ज हो चुका है। राज्य सरकार का दावा है कि RDG बंद होने से वित्तीय हालात और गंभीर होंगे। सदन में गूंजेगा बागवानों से ठगी का मामला सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू होगी। प्रश्नकाल के दौरान बाहरी राज्यों के लदानियों (सेब खरीददार) द्वारा हिमाचल के बागवानों के पैसे हड़पने का मामला गूंजेगा। ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने इस संबंध में सवाल पूछ रखा है। राठौर का कहना है कि हर साल व्यापारी प्रदेश के कई लदानी बागवानों से सेब खरीदते हैं और उनका भुगतान किए बिना फरार हो जाते हैं, जिससे बागवानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। सेब हिमाचल की आर्थिकी की रीढ़ माना जाता है और भुगतान से जुड़े विवाद लंबे समय से चिंता का विषय रहे हैं।