शिमला में HPU (हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी) के पास अतिक्रमण हटाने गई प्रशासन की टीम को शनिवार को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (CITU) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का विरोध किया। इस दौरान विरोध करने वाले लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। CITU नेता विजेंद्र मेहरा ने आरोप लगाया कि स्ट्रीट वेंडर्स को बिना पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था के हटाया जा रहा है, जो स्ट्रीट वेंडिंग एक्ट का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि छोटे दुकानदार सालों से यहीं से अपनी आजीविका चला रहे हैं, और इस कार्रवाई से सैकड़ों परिवार प्रभावित होंगे। विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इससे कुछ देर के लिए काम रोकना पड़ा और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहीं दूसरी ओर, HPU प्रशासन ने दावा किया कि पहले ही अवैध कब्जों को लेकर नोटिस जारी किए थे। इसमें उन्होंने दुकानदारों को तीन दिन का समय भी दिया था। HPU प्रशासन का दावा है कि यह भूमि यूनिवर्सिटी की संपत्ति है। यूनिवर्सिटी ने कहा- 3 दिन का समय दिया था यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार, परिसर और आसपास की जमीन पर बनी अवैध दुकानों व ढाबों को हटाने के लिए तीन दिन का समय दिया गया था। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया था कि तय समय में कब्जे नहीं हटाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। CITU और SFI की चेतावनी शनिवार को जब टीम कब्जे हटाने पहुंची तो विरोध का सामना करना पड़ा। प्रशासन भी अपनी कार्रवाई पर कायम है। वहीं, सीटू और SFI ने चेतावनी दी है कि यदि जबरन अतिक्रमण हटाया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान अब टकराव का रूप लेता दिख रहा है।

Spread the love