हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में अंतर्राष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव को लेकर देवकारज शुरू करने के लिए बड़ा देव कमरुनाग लाव-लश्कर के साथ गोत गांव से रवाना हो गए हैं। उनके मंडी पहुंचते ही 14 फरवरी को महोत्सव का विधिवत आगाज होगा। वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार, बड़ा देव शुक्रवार सुबह गोत गांव में पुजारी बोधराज के घर से निकले। इस बार देवता के साथ गूर के बजाय पुजारी बोधराज मंडी आ रहे हैं। देवता के मंडी आगमन को लेकर उनके भक्तों में खासा उत्साह है। 14 फरवरी को होगा छोटी काशी में प्रवेश बड़ा देव यजमानों के घरों में मेहमाननवाजी स्वीकार करते हुए आगामी 14 फरवरी को छोटी काशी में प्रवेश करेंगे। सबसे पहले राज देवता माधोराय से भव्य मिलन के साथ देव कमरुनाग मंडी महाशिवरात्रि के देवकारज शुरू करेंगे। देवता ने अपने गूर और देवलुओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भगवान माधोराय से मिलन के बाद वे पूरे मेले के दौरान टारना मंदिर में भक्तों को दर्शन देंगे। मेला समाप्त होने पर देवता टारना मंदिर से सीधा सेरी चानणी में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसके बाद वे यजमानों (भक्तों) के घरों में मेहमाननवाजी निभाएंगे। टारना की पहाड़ी पर विराजमान होते हैं देव बता दें कि, देव कमरुनाग के मंडी पहुंचते ही महाशिवरात्रि पर्व का शुभारंभ होता है। अन्य देवताओं के विपरीत, बड़ा देव पड्डल में नहीं बल्कि टारना की पहाड़ी पर विराजमान होते हैं। हजारों लोगों की आस्था बड़ा देव कमरुनाग से जुड़ी हुई है। पुजारी बोधराज ने बताया कि शिवरात्रि महोत्सव के लिए बड़ा देव कमरुनाग रवाना हो गए हैं। अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में मंडी जनपद के 200 से अधिक देवी-देवता शिरकत करते हैं। एक सप्ताह तक चलने वाले इस महोत्सव में देश-विदेश से भी लोग पहुंचते हैं।