हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (HPMC) में खाद और ट्री स्प्रे ऑयल (टीएसओ) की भारी कमी से सेब उत्पादक बागवान परेशान है। इस मुद्दे को लेकर रामपुर में पूर्व भाजपा प्रत्याशी कौल सिंह नेगी ने प्रदेश सरकार और HPMC प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। रामपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेगी ने कहा- टीएसओ और खाद की कमी से बागवानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है। कौल सिंह नेगी ने कहा- एचपीएमसी के पास टीएसओ और खाद उपलब्ध न होने के कारण बागवानों को रोजाना निराश होकर लौटना पड़ रहा है। उन्होंने कहा- रामपुर क्षेत्र में टीएसओ की सालाना मांग करीब एक लाख लीटर है, जबकि अब तक महज तीन हजार लीटर ही उपलब्ध हो पाया है। इसके अलावा खाद के टेंडर भी अभी तक नहीं हो सके हैं, जिससे स्थिति और गंभीर बन गई है। नेगी ने एचपीएमसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा- निगम ने रामपुर क्षेत्र से सवा दो लाख से अधिक सेब की बोरियां खरीदी हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब सात करोड़ रुपए है। इसके बावजूद पिछले वर्ष की लगभग 50 लाख रुपए की देनदारियां अभी तक बागवानों को नहीं चुकाई गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रामपुर से निरमंड खंड को भी आपूर्ति किए जाने के कारण स्थानीय बागवानों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दिसंबर में उपलब्ध कराया जाता था टीएसओ: नेगी पूर्व भाजपा प्रत्याशी ने याद दिलाया कि पूर्व में दिसंबर माह तक खाद और टीएसओ उपलब्ध करा दिए जाते थे, ताकि बागवान जनवरी और फरवरी में समय पर छिड़काव कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि समय पर टीएसओ और खाद नहीं मिली, तो सेब की फसल पर इसका सीधा असर पड़ेगा और उत्पादन प्रभावित होगा। कौल सिंह नेगी ने चेतावनी दी कि यदि प्रदेश सरकार और एचपीएमसी प्रबंधन ने जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया, तो भाजपा को बागवानों के हित में आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि तुरंत टेंडर प्रक्रिया पूरी कर खाद और टीएसओ की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि सेब उत्पादक बागवानों को राहत मिल सके।