धर्मशाला की इंद्रुनाग पैराग्लाइडिंग साइट पर एक युवक की मौत हो गई। बनकोटु निवासी 28 वर्षीय रमन कुमार तीन दिन पहले पैराग्लाइडर को धक्का देते समय गहरी खाई में गिरा गया था। बीती रात को इलाज के दौरान उसकी टांडा मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। रमन की मौत के बाद हादसे को लेकर बड़ा विरोधाभास है। पर्यटन विभाग के मार्शलों को घटना की जानकारी नहीं थी, वहीं अस्पताल के रिकॉर्ड में युवक की मौत का कारण ‘पेड़ से गिरना’ दर्ज किया गया है। इस विरोधाभास के बाद जिला पर्यटन विकास अधिकारी विनय धीमान ने एसडीएम धर्मशाला को मामले की गहनता से जांच के निर्देश दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रमन कुमार साइट पर एक पैराग्लाइडर पायलट को उड़ान भरने के लिए पीछे से धक्का दे रहा था। रस्सियों में कड़ा फंसने से हादसा इस दौरान उसके हाथ में पहना कड़ा पैराग्लाइडर की रस्सियों में फंस गया। जैसे ही पायलट ने उड़ान भरी, रमन भी उसके साथ घसीटता चला गया और साथ लगती गहरी खाई में जा गिरा। उसे गंभीर हालत में टांडा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां तीन दिन बाद उसने दम तोड़ दिया। मार्शल बोले- पैराग्लाइडिंग साइट पर हादसा नहीं इस घटना ने प्रशासन और अस्पताल के रिकॉर्ड पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला पर्यटन विकास अधिकारी विनय धीमान ने बताया कि साइट पर तैनात मार्शलों का कहना है कि शाम 4:30 बजे विंडो बंद होने तक कोई हादसा नहीं हुआ था। वहीं टांडा अस्पताल के रिकॉर्ड में दर्ज है कि युवक को चोट ‘पेड़ से गिरने’ के कारण लगी थी। यह जानकारी घटना के वास्तविक विवरण से अलग है। एसडीएम को सौंपी मामले की जांच जिला पर्यटन विकास अधिकारी विनय धीमान ने बताया- ‘ यह मामला गंभीर है। एक तरफ पैराग्लाइडिंग साइट पर हादसे की बात सामने आ रही है, वहीं मार्शल इससे इनकार कर रहे हैं। अस्पताल का रिकॉर्ड कुछ और कह रहा है। उन्होंने कहा- तथ्यों की सत्यता जांचने के लिए एसडीएम धर्मशाला को जांच सौंपी गई है। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। लोन लेकर खरीदे थे पैराग्लाइडर वहीं मृतक युवक अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था। वह अभी अविवाहित था। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले ही युवक ने 10 लाख रुपए लोन लेकर दो पैराग्लाइडर खरीदे थे।