भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में कांगड़ा जिले के शाहपुर स्थित अभिनंदन पैलेस में ‘अटल स्मृति सम्मेलन’ का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मंत्री विपिन सिंह परमार इस सम्मेलन के मुख्य वक्ता थे। इस अवसर पर पूर्व मंत्री सर्वीन चौधरी, भाजपा जिला अध्यक्ष सचिन शर्मा और पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। विचारधारा के प्रतीक थे अटल बिहारी वाजपेयी अपने संबोधन में विपिन सिंह परमार ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक महान नेता नहीं, बल्कि एक युग और विचारधारा के प्रतीक थे। उन्होंने बताया कि वाजपेयी के राष्ट्रप्रेम, दूरदर्शिता और सुशासन की सोच ने भारतीय राजनीति को नई दिशा दी। अटल जी के विचारों से भाजपा हुई सशक्त परमार ने कहा कि अटल जी के विचारों से प्रेरित होकर भाजपा लगातार सशक्त हुई और लाखों कार्यकर्ता संगठन से जुड़े।परमार ने अटल सरकार के ऐतिहासिक निर्णयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पोखरण परमाणु परीक्षण ने भारत को वैश्विक मंच पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। आर्थिक विकास को प्रदान की नई गति विपिन सिंह परमार ने कहा कि अटल जी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से देश के गांव-गांव सड़क नेटवर्क से जुड़े और स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना ने आर्थिक विकास को नई गति प्रदान की।उन्होंने आगे बताया कि सर्व शिक्षा अभियान, टेलिकॉम क्रांति और उदारीकरण की मजबूत नींव भी अटल जी की दूरदर्शिता का ही परिणाम थी। जीवन त्याग, सेवा और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा परमार ने कहा कि वाजपेयी ने लाहौर बस यात्रा के माध्यम से शांति और संवाद की राजनीति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती प्रदान की। परमार ने वाजपेयी को विपक्ष के साथ भी संवाद, शालीनता और सम्मान की राजनीति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि अटल जी का जीवन त्याग, सेवा और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा है। अटल से प्रेरणा लेने की कही बात परमार ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अटल जी के आदर्शों को आत्मसात कर जनसेवा में समर्पित रहें, क्योंकि ऐसे महापुरुषों के विचारों को अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

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