हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण सड़कों के विकास को गति मिली है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY)-IV के तहत राज्य सरकार के 294 सड़क प्रस्तावों को केंद्र सरकार की अधिकार प्राप्त समिति (Empowered Committee) ने 4 नवंबर को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इन अनुमानित 2,271 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इनसे 431 ग्रामीण बस्तियां जुड़ेंगी। इनमें 111 आदिवासी एवं अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्र शामिल हैं। यह जानकारी गुरुवार को शिमला में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व में PMGSY-I के तहत निर्मित 148 सड़कों के उन्नयन (अपग्रेडेशन) को PMGSY-IV में शामिल करने का अनुरोध किया था। लगातार प्रयासों के बाद के बाद ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 24 दिसंबर 2024 को जारी दिशा-निर्देशों में इस प्रावधान को सम्मिलित किया। सर्वे के बाद अपूर्ण क्षेत्रों का चयन लोक निर्माण विभाग ने मंत्रालय के डिजिटल ऐप के माध्यम से ग्राम सड़क सर्वेक्षण (Gram Sadak Survey) कर 1,604 बस्तियों का आकलन किया। इनमें से 1,100 बस्तियों को 250 से अधिक जनसंख्या वाले अपूर्ण या आंशिक रूप से जुड़े क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया। इन बस्तियों को NRIDA पोर्टल पर 100% डिजिटल प्रक्रिया के तहत अनुमोदित किया गया। जहां जमीन मिली वहां काम शुरू इस आधार पर प्रत्येक विकासखंड के लिए व्यापक नई कनेक्टिविटी प्राथमिकता सूची (Comprehensive New Connectivity Priority List – CNCPL) तैयार की गई। इसे संबंधित सांसदों और जिला परिषद सदस्यों की सहमति के बाद अंतिम रूप दिया गया। जिन स्थानों पर भूमि दाताओं ने स्वेच्छा से भूमि उपलब्ध कराई, वहां भूमि उपलब्धता प्रमाण पत्र (Land Availability Certificates) पोर्टल पर अपलोड किए गए। एनआईटी हमीर पुर ने की तकनीकि जांच राज्य द्वारा तैयार की गई 294 विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (Detailed Project Reports – DPRs) की तकनीकी जांच एनआईटी हमीरपुर ने की। बीआईटीएस पिलानी ने प्रधान तकनीकी एजेंसी (Principal Technical Agency – PTA) के रूप में इनकी पुष्टि की। मंत्रालय की तकनीकी टीमों ने भी विभिन्न स्थलों पर फील्ड वेरिफिकेशन किया।