भारतीय महिला टीम ने विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 52 साल में पहली बार अपने नाम किया। इसका जश्न, पूरे देश के साथ-साथ तेज गेंदबाज रेणुका ठाकुर के पारसा गांव में भी मनाया गया। वर्ल्ड कप में जीत के बाद रेणुका के घर पर मैच देखने जुटे लोगों ने नाटी डाली और पटाखे फोड़े गए। इससे पहले परिवार और गांव के लोगों ने एक साथ पूरा मैच देखा। इस दौरान, रेणुका की मां भावुक हो गई, क्योंकि रेणुका के पिता क्रिकेट के फैन थे। मगर जब रेणुका मात्र 3 साल की थी तो उनके पिता का निधन हो गया। रेणुका के पिता चाहते थे कि उनके बच्चे भी क्रिकेट खेले। शिमला जिला के रोहड़ू के पारसा गांव की रेणुका ने भी पिता के सपने को पूरा करने के लिए गांव में लड़कों के साथ क्रिकेट खेलना शुरू किया। रेणुका अक्सर अपने भाई और गांव के लड़कों के साथ क्रिकेट खेलती और अच्छी गेंदबाजी करती। चाचा ने खेल अकादमी में एडमिशन की सुझाव दिया रेणुका के चाचा एवं पेशे से शारीरिक शिक्षक भूपेंद्र सिंह ने भतीजी की अच्छी गेंदबाजी देखते हुए हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) अकादमी धर्मशाला में एडमिशन का सुझाव दिया। साल 2009 में रेणुका ने HPCA में दाखिला लिया। यही से रेणुका हिमाचल की अंडर-16 और अंडर-19 टीमों के लिए खेलना शुरू किया। साल 2019-20 में सीनियर महिला वनडे ट्रॉफी में रेणुका सिंह ने 23 विकेट लेकर देशभर में पहचान बनाई। अंतरराष्ट्रीय मंच पर रेणुका की एंट्री अक्टूबर 2021 में रेणुका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ T-20 और फरवरी 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में डेब्यू किया। साल 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में रेणुका सिंह सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज रहीं। छोटे से गांव और साधारण परिवार में जन्मी रेणुका ठाकुर को साल 2022 में ICC द्वारा ‘इमर्जिंग वुमन क्रिकेटर ऑफ द ईयर’ सम्मानित किया जा चुका है। पूरे टूर्नामेंट में किफायती गेंदबाजी की वर्ल्ड कप में टूर्नामेंट में रेणुका सिंह ठाकुर ने 7 मैचों में से 5 में हिस्सा लिया। रेणुका ने कुल 3 विकेट हासिल किए। रेणुका ठाकुर को ज्यादा विकेट भले नहीं मिले, लेकिन रेणुका ने सभी मैचों में किफायती गेंदबाजी की। हालांकि, फाइनल मुकाबले में रेणुका की गेंद पर दो कैच भी ड्रॉप हुए। रेणुका ठाकुर के घर पर जीत के जश्न के PHOTOS…