सुंदरनगर की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश) अदालत ने चरस रखने के आरोप में कन्हैया लाल को आठ साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 80,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 के तहत सुनाया गया है। उप जिला न्यायवादी विनय वर्मा ने बताया कि यह मामला 4 अक्टूबर 2017 का है। उस दिन दोपहर करीब 2 बजे एएसआई राम प्रकाश अपनी टीम के साथ मलोह कैंची मोड़ चौक, सुंदरनगर पर नाकाबंदी और गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मलोह की तरफ से एक व्यक्ति पैदल आता दिखा, जिसके कंधे पर लाल रंग का बैग था। पुलिस को देख घबराया आरोपी पुलिस को देखकर वह व्यक्ति रुक गया और घबराया हुआ दिखा, जिससे पुलिस को शक हुआ। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम कन्हैया लाल, निवासी गांव टिकर, डाकघर पौड़ाकोठी, तहसील निहरी, जिला मंडी, हिमाचल प्रदेश बताया। उसके बैग की तलाशी लेने पर एक पारदर्शी पॉलिथीन लिफाफे में काला पदार्थ मिला, जिसकी जांच करने पर वह चरस पाई गई। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौलने पर चरस का वजन 922 ग्राम निकला। आरोपी के खिलाफ सुंदरनगर थाने में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 के तहत मुकदमा संख्या 191/2017 दर्ज किया गया। एएसआई राम प्रकाश ने मामले की जांच पूरी कर चालान अदालत में पेश किया था। अदालत में 10 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश सुंदरनगर की अदालत ने कन्हैया लाल को दोषी ठहराया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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