हिमाचल सरकार में हेल्थ मिनिस्टर धनीराम शांडिल के बेटे कर्नल संजय शांडिल को स्वास्थ्य विभाग ने सह-अपराधी बना दिया। दरअसल, हिमाचल के स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व में उनका बेटा, 2 विधायक और अफसर लंदन-फ्रांस दौरे पर जा रहे हैं। इनके दौरे की चिट्टी सोशल मीडिया में वायरल होते ही बवाल मच गया है। इस बवाल की 2 वजह है, पहला- सरकारी धन से खर्च और दूसरा- मंत्री के बेटे के लिए ‘accomplice’ ऑफ हेल्थ मिनिस्टर लिखना। ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी के अनुसार, ‘accomplice’ का हिंदी में अर्थ सह-अपराधी या अपराध में साथी होता है। इस वजह से भी स्वास्थ्य विभाग की किरकिरी हो रही है। नेताओं-अफसरों का 10 सदस्यीय दल 2 से 11 अक्टूबर तक विदेश दौरे पर रहेगा। इस दौरान यह टीम विदेशों में स्वास्थ्य सुविधाएं जांचेगा ताकि हिमाचल के सरकारी अस्पतालों में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा सके। मगर, आपदा के बीच अफसरों के विदेश दौरे को लेकर सोशल मीडिया में लोग तरह तरह से सवाल उठा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सोशल मीडिया पर लिखा- कौन-कौन नेता अधिकारी विदेश जा रहे? विदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं देखने जा रहा दल कहा जा रहा है कि इस दल के विदेश दौरे का खर्च हिमाचल प्रदेश मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ब्याज से हुई बचत से वहन किया जाएगा। इसमें हवाई यात्रा, वीजा शुल्क, आवास, बीमा और स्थानीय परिवहन का खर्च शामिल है। राज्य सरकार ने रोबोटिक सर्जरी और किडनी ट्रांसप्लांट की शुरू की जा चुकी है। इसे और बेहतर कैसे बनाया जाए, इसी मकसद से 10 सदस्यीय दल विदेश जा रहा है। यह टीम वहां मिलने वाली हेल्थ सर्विस को देखेगी। इसे लेकर सरकार का पक्ष लेने के लिए कई बार स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल और स्वास्थ्य सचिव एम सुधा देवी से पक्ष लेने का प्रयास किया गया। मगर फोन नहीं उठाने से पक्ष नहीं मिल पाया।चर्चा अब यह है कि सरकार इस दौरे को रद्द कर सकती है। इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।