हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन (HPPCL) के चीफ इंजीनियर विमल नेगी मौत मामले में CBI आज बिजली बोर्ड के चीफ इंजीनियर देसराज से पूछताछ करेगी। केंद्रीय जांच एजेंसी ने देसराज को शिमला के कैंप ऑफिस में सुबह 11 बजे बुलाया है। सुप्रीम कोर्ट (SC) ने देसराज को भी CBI जांच में सहयोग को कहा हैं। SC ने सीबीआई को पूछताछ की वीडियोग्राफी करने और अधिकतम तीन घंटे तक ही पूछताछ के आदेश दिए हैं। विमल नेगी मौत मामले में आरोपी बनाए गए देसराज को शीर्ष अदालत ने अग्रिम जमानत दे रखी है। देसराज पर विमल नेगी को आत्महत्या को उकसाने के आरोप बता दें कि पूर्व में देसराज HPPCL में डायरेक्टर के तौर पर सेवारत थे। देसराज समेत HPPCL के पूर्व एमडी हरिकेष मीणा पर विमल नेगी के परिजनों ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए है। शिमला पुलिस की जांच से असंतुष्ट परिजनों की मांग पर हाईकोर्ट ने यह केस जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी सीबीआई को सौंपा है। सीबीआई ने अब तक इस केस परिजनों द्वारा जिन अधिकारियों पर आत्महत्या को उकसाने के आरोप लगाए थे, उनसे पूछताछ नहीं की गई। यह पहला मौका है जब बिजली बोर्ड के चीफ इंजीनियर एवं HPPCL के पूर्व डायरेक्टर देसराज से विमल नेगी मौत मामले में पूछताछ होगी। कर्मचारियों ने भी मानसिक प्रताड़ना की बात स्वीकारी सूत्रों की माने तो देसराज से कार्यालय के वर्क कल्चर से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे, क्योंकि विमल नेगी के परिजनों ने हरिकेष मीणा और देसराज पर गंभीर आरोप लगाए है, जिससे तनाव में आकर विमल नेगी ने आत्महत्या की। सीबीआई की पूछताछ में HPPCL के कर्मचारियों ने भी विमल नेगी को मानसिक तौर पर परेशान करने की बात मानी है। इसलिए, जो आरोप परिजनों ने लगाए और कर्मचारियों ने भी उनकी पुष्टि की है, उनसे जुड़े सवाल देसराज से पूछे जाएंगे। देसराज के बाद IAS अधिकारी हरिकेष मीणा और पूर्व डायरेक्टर पर्सनल शिवम प्रताप को भी CBI पूछताछ के लिए बुला सकती है। हरिकेष मीणा ने भी हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत ले रखी है। उनकी अग्रिम जमानत पर अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी। CBI ने पंकज कुमार को किया गिरफ्तार इसी मामले में सीबीआई ने मृतक विमल नेगी की जेब से पेन ड्राइव अपनी जेब में रखने के मामले में एएसआई पंकज को गिरफ्तार कर चुकी है। हाईकोर्ट ने पंकज को जेल भेज दिया है। इस मामले में पंकज की पहली गिरफ्तारी है। क्या है पूरा मामला? बता दें कि विमल नेगी 10 मार्च को शिमला से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गए थे। 18 मार्च को बिलासपुर की गोबिंदसागर झील में शव बरामद हुआ। 19 मार्च को एम्स बिलासपुर में पोस्टमॉर्टम के बाद शिमला में HPPCL दफ्तर के बाहर परिजनों ने शप के साथ प्रदर्शन किया। इसी दिन डायरेक्टर देसराज, एमडी और डायरेक्टर पर्सनल के खिलाफ के छोटा शिमला थाना में एफआईआर हुई।