कांगड़ा जिले के धर्मशाला में मंगलवार को अवैध निर्माण के मुद्दे पर सैकड़ों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। ‘मेरा घर मेरा अधिकार’ संगठन के बैनर तले प्रभावित परिवारों ने दाड़ी मेले ग्राउंड से जिलाधीश कार्यालय तक रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पीढ़ियों से इस जमीन पर रह रहे हैं। उन्होंने अपनी जीवन भर की कमाई से घर बनाए हैं। अब प्रशासन इन घरों को गिराने की तैयारी कर रहा है। वहीं कांग्रेस विधायक सुधीर शर्मा ने रैली की अगुआई की। उन्होंने कहा कि निर्माण के समय विभाग चुप क्यों था। अब सालों बाद इन्हें अवैध बताकर तोड़ना जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने सरकार से व्यावहारिक नीति बनाने की मांग की। विधायक ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया, तो आंदोलन और तेज होगा। कोर्ट ने दिया था कब्जे हटाने का आदेश हिमाचल प्रदेश कोर्ट ने अगस्त 2025 में भू-राजस्व अधिनियम की धारा 163-ए को असंवैधानिक करार दिया था। कोर्ट ने सरकार को 28 फरवरी 2026 तक सभी अवैध कब्जे हटाने का आदेश दिया है। इस फैसले से धर्मशाला समेत पूरे कांगड़ा और प्रदेश के हजारों परिवारों के बेघर होने का खतरा है। सुप्रीम कोर्ट में भी चल रही लड़ाई हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ कब्जाधारियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। 20 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए यथास्थिति बनाए रखने (status quo) का आदेश दिया है। प्रभावित लोगों का कहना है कि जब तक अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक सरकार और प्रशासन को कार्रवाई से रोकना चाहिए। प्रशासन गिरा देगा, हम कहां जाएंगे रैली के दौरान महिलाओं और बुजुर्गों की पीड़ा देखने लायक थी। एक वृद्ध महिला ने फफकते हुए कहा कि हमने जिंदगीभर की कमाई घर में लगा दी। अब प्रशासन इसे गिरा देगा, तो हम कहां जाएंगे। जन आक्रोश रैली के दौरान माहौल भावुक होने के साथ-साथ आक्रोश से भी भरा रहा। लोग लगातार नारेबाजी करते रहे और सरकार से अपील की कि वे जनता की भावनाओं का सम्मान करे।

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