राज्यपाल बोले- भारत में जाति नहीं, वर्ण व्यवस्था थी:गुण-कर्म के आधार पर 4 वर्णों में था समाज, वोट के लिए जातियों में बांटा गया
भारत में हमेशा वर्ण व्यवस्था रही, जातियां नहीं थीं। श्रीकृष्ण ने स्वयं कहा है कि चातुर्वर्ण्यं मया सृष्टं गुणकर्मविभागशः…। यानी उन्होंने समाज को चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र)…