हिमाचल में विकास का बजट कम होना खतरे की घंटी:पूंजीगत-निवेश को 100 में से 24 रुपए; सैलरी-पेंशन, लोन की रीपेमेंट-ब्याज से दबाव में अर्थव्यस्था
हिमाचल प्रदेश में कैपिटल एक्सपेंडीचर (पूंजीगत व्यय) हर साल घटता जा रहा है। सैलरी, पेंशन, कर्ज, मुफ्त रेवड़ियों और चुनावी गारंटियों के दबाव में विकास कार्य का बजट हर साल…