कुल्लू के मनाली में रोड बनाने को लेकर पेड़ों की कटाई का गुरुवार को 9 गांव के लोगों ने समर्थन किया है। मनाली में ओल्ड मनाली बाईपास रोड निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई का मामला तूल पकड़ गया है। फोरलेन पुल से ओल्ड मनाली तक वन विहार होते हुए बनने वाली इस सड़क के लिए 49 पेड़ों को काटा जाना है। जिसके लिए विभागीय अनुमति मिल चुकी है । बुधवार को कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर लाइव पोस्ट के जरिए पेड़ों की कटाई का विरोध किया। इसके बाद गुरुवार को ढूंगरी, ओल्ड मनाली, बुरुआ, मझाच, शनाग, सोलंग समेत कई गांवों के लोग सड़क निर्माण के समर्थन में वन विहार पहुंचे। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया। ओल्ड मनाली पंचायत की प्रधान मोनिका भारती ने कहा कि यह मार्ग पर्यटन सीजन में जाम की समस्या से निजात दिलाएगा। उन्होंने बताया कि जाम के कारण बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं। मोनिका भारती ने कहा कि मनाली अप्पर वैली के लोगों की यह वर्षों पुरानी मांग थी, जो अब पूरी हुई है। तहसीलदार से की शिकायत
ग्रामीणों ने कटने वाले पेड़ों की भरपाई के लिए नए पेड़ लगाने का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर, नगर परिषद अध्यक्ष मनोज लारजे के नेतृत्व में कुछ लोगों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। उनकी मांग है कि पेड़ों का कटान वैज्ञानिक तरीके से किया जाए। नगर परिषद की पार्षद चंद्रा पदान ने स्पष्ट किया कि वे सड़क के विरोध में नहीं हैं, बल्कि सिर्फ पेड़ों के उचित कटान की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक पेड़ जब कटकर गिर रहा है उसके साथ अन्य कई पेड़ क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। तहसीलदार मनाली अनिल राणा ने कहा कि जिस भी एजेंसी को पेड़ काटने का जिम्मा सौंपा गया है उससे बात करके देखा जाएगा कि पेड़ कटान के दौरान जितने पेड़ चिह्नित हैं वही कटे जाएं और अन्य पेड़ों को नुकसान न हो।