सोशल मीडिया पर विदेशी टूरिस्टों के अश्लील डांस के कुछ वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियोज को हिमाचल प्रदेश के कुल्लू का बताकर शेयर किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि इनमें इजराइली टूरिस्ट नाच रहे हैं और नशा कर रहे हैं। हालांकि, इन वीडियोज की पुष्टि दैनिक भास्कर नहीं करता है। सोशल मीडिया पर लोग देवभूमि हिमाचल में इस तरह की अश्लीलता पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। हिमाचल हाईकोर्ट ने भी नशे के बढ़ते मामलों और रेव पार्टियों से जुड़ी जनहित याचिका (PIL) पर सरकार से जवाब तलब किया है। इस मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की पार्टियां होटलों के अंदर या जंगलों में दिन के समय होती हैं। इन्हें करने के लिए प्रशासन परमिशन देता है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारी का कहना है कि वह केवल कल्चरल पार्टी करने की परमिशन देते हैं। कुल्लू में रेव पार्टी के PHOTOS… सोशल मीडिया पर हो रहा विरोध
इन वीडियोज के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इनका विरोध हो रहा है। सिद्धार्थ बकारिया नाम के यूजर ने X अकाउंट पर इजरायली के डांस का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा- ‘देवभूमि में इजरायलियों को खुलेआम नशे से प्रेरित रेव पार्टियों की अनुमति कैसे दी जा रही है? यह देवभूमि है, नशीले पदार्थों का खेल का मैदान नहीं।’ इसी प्रकार अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सरेआम स्मोकिंग, अश्लील डांस के वीडियो वायरल हो रहे हैं। इन पर सोशल मीडिया यूजर ‘नग्नता, फूहड़ता, ड्रग्स और अश्लीलता परोसने को लेकर सरकार पर ही सवाल खड़े कर रहे हैं। कुल्लू के कसोल, जीभी, कलगा, मणिकरण, मलाणा, आदि क्षेत्रों में ऐसे दृश्य आम हो गए हैं। इस तरह की पार्टी जंगलों या फिर अकेले में चल रहे होटल परिसर में हो रही हैं। DSP बोले- प्रशासन देता है अनुमति
इसे लेकर कुल्लू के DSP राजेश कुमार ने बताया कि इस तरह की पार्टियां प्रशासन की अनुमति से होती है। यदि बिना परमिशन के कोई पार्टी होती है तो पुलिस उन पर कार्रवाई करती है। किसी पार्टी में कोई नशा परोसे जाने पर पुलिस कानून के हिसाब से एक्शन लेती है। उन्होंने बताया- इजरायली टूरिस्ट के डांस के जो वीडियो वायरल हो रहे हैं, उनका आयोजन होटल संचालकों की ओर से अपने एरिया में किया जा रहा है। ये पार्टियां दिन की है। यदि कहीं रात 10 बजे के बाद पार्टी होती है तो पुलिस हाईकोर्ट के आदेशानुसार कार्रवाई कर रहती है। SDM बोले- ऐसी पार्टी के आयोजन की परमिशन नहीं दी जाती
वहीं, कुल्लू के SDM निशांत ठाकुर ने बताया कि प्रशासन की ओर से केवल कल्चरल पार्टी के आयोजन की परमिशन दी जाती है। ऐसी पार्टी के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाती। उन्होंने बताया कि यदि प्रशासन किसी को पार्टी आयोजन की परमिशन देता है तो पुलिस को भी जांच के आदेश दिए जाते हैं। एनवायरमेंट प्रोटेक्शन सोसाइटी ने हाईकोर्ट ने PIL डाली
हिमाचल एनवायरमेंट प्रोटेक्शन सोसाइटी ने भी हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) डालकर इस तरह की पार्टियों के आयोजन और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जाहिर की है। सोसाइटी की याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब तलब किया है। इस मामले में 28 अगस्त को अगली सुनवाई होनी है। सरकार को बताना होगा कि कुल्लू और मंडी जिला में इस तरह की पार्टी के आयोजकों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई? ऐसी पार्टी के आयोजकों की संपत्ति जब्त करने को क्या प्रयास किए गए? याचिका में कहा गया है कि कुल्लू के अलग अलग क्षेत्रों में ऐसी पार्टियों का आयोजन हो रहा है। इन पार्टियों के वीडियो वेबसाइटों पर उपलब्ध है और खुलेआम ड्रग्स की उपलब्धता बताई गई। विश्व हिंदू परिषद बोला- अश्लीलता स्वीकार नहीं
विश्व हिंदू परिषद के महासचिव तुषार डोगरा ने बताया कि हिमाचल देवभूमि है। यहां सभी का स्वागत है। मगर इस प्रकार की अश्लीलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सरकार से इस पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा, यदि यह सब नहीं रोका गया तो विश्व हिंदू परिषद कानूनी कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटेगा। इजराइल के टूरिस्टों की पसंद कसोल
कुल्लू जिले के कसोल में ज्यादातर विदेशी पर्यटक आते हैं। यह इजराइल के लोगों की पहली पसंद है। बीते मई-जून माह में जब ईरान और इजराइल के बीच संघर्ष चल रहा था, उस दौरान भी इजराइली टूरिस्टों को कुल्लू के अलग अलग क्षेत्रों में इसी तरह इंजॉय करते देखा गया। कसोल ड्रग्स के कारण दुनियाभर में काफी बदनाम हो गया है। इस कारण पिछले कुछ समय से यहां से अश्लील वीडियो भी पोस्ट किए जा रहे हैं। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… हिमाचल में विदेशी टूरिस्टों का अश्लील डांस, VIDEO:मशहूर पर्यटन स्थल पर पार्टी, नशा भी कर रहे; DSP बोले- यह अश्लीलता, निगरानी रखेंगे हिमाचल के कुल्लू जिले में पड़ने वाले मशहूर पर्यटन स्थल कसोल का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ टूरिस्ट अश्लील डांस और नशे करते दिख रहे हैं। उत्तराखंड नाम से बने अकाउंट ने X पर इस वीडियो को शेयर किया है। हालांकि यह वीडियो कब का है, दैनिक भास्कर इसकी पुष्टि नहीं करता। पूरी खबर पढ़ें…