हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता चिंतपूर्णी मंदिर में श्रावण अष्टमी मेले का आयोजन होने जा रहा है। मेला 25 जुलाई से 3 अगस्त तक चलेगा। एसडीएम अंब सचिन शर्मा ने माईदास सदन चिंतपूर्णी में अधिकारियों के साथ बैठक की। मेले के लिए एडीसी ऊना को मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है। एसडीएम अंब को सहायक मेला अधिकारी बनाया गया है। एएसपी ऊना पुलिस मेला अधिकारी और डीएसपी अंब सहायक पुलिस मेला अधिकारी होंगे। मेले के दौरान मंदिर 24 घंटे श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। केवल रात में एक घंटे के लिए साफ-सफाई के लिए बंद होगा। श्रृंगार और भोग के समय भी रहेगा बंद दोपहर में मां के श्रृंगार और भोग के समय भी मंदिर कुछ देर के लिए बंद रहेगा। मेले में लंगर लगाने के लिए अनुमति लेना जरूरी है। लंगर समाप्ति के बाद आयोजकों को साफ-सफाई करनी होगी। डीएफएससी ऊना खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच करेंगे। नियमों की अवहेलना करने पर होगी कार्रवाई
एसडीएम ने कहा कि मेले के दौरान ढोल नगाड़े, चिमटा, लाउडस्पीकर इत्यादि बजाने और प्लास्टिक व थर्मोकोल के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा मालवाहक वाहनों के माध्यम से माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर आने पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दस सेक्टरों में बांटा जाएगा क्षेत्र
मेले के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेला क्षेत्र को दस सेक्टरों में बांटा जाएगा। सुरक्षा के दृष्टिगत पर्याप्त मात्रा में पुलिस व होमगार्ड के जवानों सहित त्वरित कार्य बल की टीमें तैनात रहेंगी। सभी सेक्टरों की निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तमाम इंतजाम
एसडीएम सचिन शर्मा ने बताया कि मेले के दौरान सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए जगह-जगह अस्थाई शौचालय बनाए जाएंगे तथा ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए रिकवरी वैन तैनात की जाएगी। भिक्षावृत्ति पर भी पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा तथा इसे लेकर जिला बाल संरक्षण अधिकारी की टीमों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। मेले में श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने के लिए विभिन्न स्थानों पर एलोपैथिक तथा आयुर्वेदिक कैंप स्थापित किए जाएंगे। किसी भी आपदा अथवा आग इत्यादि की घटना से निपटने के लिए अग्निशमन वाहन तैनात रहेंगे। पेयजल की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी साथ ही, मेलावधि के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की उचित सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मेला शुरू होने से पूर्व सड़कों की व्यवस्था को भी दुरूस्त करने के भी निर्देश दिए। अग्निशमन उपकरण लगाने के निर्देश एसडीएम ने निजी सराय प्रबंधकों को सरायों में अग्निशमन उपकरण लगाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन इनकी जांच भी करवाएगा। उन्होंने विद्युत विभाग को मेलावधि के दौरान विद्युत आपूर्ति सुचारू रखने के लिए विद्युत लाइनों का आवश्यक रखरखाव करना सुनिश्चित करने को कहा ताकि मेले के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्ट्रीट लाइटें और प्याऊ भी लगाए जाएंगे इसके अलावा मेले के दौरान अस्थाई रूप से अतिरिक्त स्ट्रीट लाइटें भी लगाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान पीने के पानी के लिए प्याऊ भी लगाए जाएंगे। उन्होंने जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए जल भंडारण टैंकों का क्लोरिनेशन करना भी सुनिश्चित करें। बैठक में एएसपी ऊना संजीव भाटिया, सीएमओ डॉ संजीव वर्मा, प्रधान ग्राम पंचायत छपरोह शशि कालिया, प्रधान नारी पंचायत अल्का, गंगोट की प्रधान एश्वर्या, डूहल भंगवाल की प्रधान प्रतिभा और अप्पर लोहारा की प्रधान संगीता वाला सहित अन्य मौजूद रहे।

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