हिमाचल प्रदेश में ऊना जिले के उपमंडल अंब में एक 18 साल की छात्रा ने आत्महत्या कर ली। छात्रा को नैहरियां पंचायत के डूहकी गांव के एक परिवार ने गोद ले रखा था। लड़की का शव घर में फंदे से लटका मिला। परिवार पहले भी अपने दो बेटों को खो चुका है। लड़की का एक सुसाइड नोट भी सामने आया है, जिसमें उसने लिखा है कि वही अच्छी बेटी नहीं बन सकी। पुलिस घटना को लेकर छानबीन में लगी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका एक खेतिहर परिवार की गोद ली हुई बेटी थी। परिवार ने अपने दोनों बेटों की असामयिक मृत्यु के बाद करीब 15 साल पहले उसे तीन वर्ष की आयु में गोद लिया था। युवती आईटीआई में अध्ययनरत थी और शनिवार की शाम को संस्थान से लौटने के बाद सीधे अपने कमरे में चली गई। लड़की जब काफी समय तक वह बाहर नहीं निकली, तो उसकी मां ने कमरे में जाकर देखा और उसे फंदे पर लटका पाया। स्थानीय लोगों ने कमरे का दरवाजा तोड़ा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मृतका ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने स्वयं को एक “अच्छी बेटी न होने” का जिक्र किया है और किसी को भी अपनी मौत का जिम्मेदार नहीं ठहराया है। स्थानीय पंचायत प्रधान ने बताया कि दंपती ने बेटी के साथ अपना नाम कानूनी तौर पर जोड़ने के लिए सरकार में आवेदन किया था, जो अभी प्रक्रियाधीन था। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना उस परिवार के लिए विशेष रूप से दुखद है, जिन्होंने पहले अपने दो बेटों को खोया – एक की दुर्घटना में और दूसरे की गंभीर बीमारी से मृत्यु हुई थी। दंपती ने इस बेटी में अपनी खोई हुई खुशियां ढूंंढी थीं, लेकिन यह आशा भी अब टूट गई है।

Spread the love