हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में नाबालिग लड़की की गुमशुदगी के मामले में तनाव के चलते डीसी ने माजरा पुलिस थाना के किरतपुर क्षेत्र में भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही हथियार, लाठी, डंडे और ज्वलनशील पदार्थ ले जाने पर भी रोक लगाई गई है। आदेश न मानने वाले लोगों पर पुलिस कार्रवाई करेगी। दरअसल, माजरा क्षेत्र की एक नाबालिग हिंदू लड़की एक सप्ताह से लापता है। परिजनों व स्थानीय लोगों ने आरोप विशेष समुदाय के लड़के पर लगाए है। पुलिस अब तक लड़की को ढूंढ नहीं पाई है। इससे स्थानीय लोग भड़क गए है। हिंदू संगठनों के साथ मिलकर बीते कल भी स्थानीय लोगों ने माजरा दोसड़का के समीप प्रदर्शन किया। देहरादून पांवटा से कालाअंब एनएच-07 पर कुछ देरी को चक्का जाम भी किया। पुलिस की तीन टीमें लड़की की तलाश में लगी हैं। पथराव में ASI समेत आठ लोग घायल इसके बाद शाम को स्थानीय लोग उस युवक के घर के बाहर भी एकत्रित हुए, जिस पर लड़की को भगाने के आरोप है। इस दौरान विशेष समुदाय ने प्रदर्शनकारियों पर पथराव किया। इस दौरान एक ASI सहित आठ लोग घायल भी हो गए। मौके पर स्थानीय विधायक पांवटा साहिब सुखराम चौधरी, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डा. राजीव बिंदल, एसपी एनएस नेगी, एएसपी योगेश रोल्टा, एसडीएम पांवटा जीएस चीमा ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। 5 जून से लापता है नाबालिग बताया जा रहा है कि हिंदू समुदाय की नाबालिग युवती 5 जून से लापता है। परिजनों ने अपहरण का अंदेशा जताते हुए माजरा थाना में शिकायत दर्ज करवा रखी है। अब यह मामला तूल पकड़ रहा है। इससे स्थिति तनावपूर्ण बनती जा रही है। कानून व्यवस्था बनाए रखने को धारा 163 लागू प्रदर्शनकारियों ने बीते कल ही धरने का ऐलान कर दिया था। इससे प्रशासन ने भारी भीड़ जुटने की शंका को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने को पहले ही धारा 163 लागू कर दी है। इसे लेकर देर रात आदेश जारी किए है। लड़की की तलाश को तीन टीमें गठित वहीं पुलिस ने लापता लड़की की तलाश के लिए तीन टीमें गठित कर रखी है, जो कि लड़की को संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही है।

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