हिमाचल प्रदेश में स्थानीय शहरी निकाय (ULB) चुनाव का बिगुल बज गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निगम शिमला को छोड़कर अन्य सभी 73 नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत में वार्डों डिलिमिटेशन के आदेश जारी कर दिए है। इन आदेशों के तहत सभी जिलों के डीसी को 15 जुलाई तक हर हाल में वार्डों के डिलिमिटेशन का काम पूरा करना होगा। आयोग ने वार्डबंदी की ड्यूटी में तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों की ट्रांसफर पर भी पूर्णत प्रतिबंध लगा दिया है। जरूरी हुआ तो राज्य सरकार को निर्वाचन आयोग से मंजूरी लेकर अधिकारियों-कर्मचारियों की ट्रांसफर करानी होगी। चुनावी ड्यूटी वाले अधिकारियों को सरकार खुद ट्रांसफर नहीं कर पाएगी। वार्डबंदी का शेड्यूल आयोग ने नए वार्ड बनाने के लिए पूरा शेड्यूल जारी किया गया है। इसके मुताबिक 30 मई तक वार्ड बनाने से जुड़े प्रस्ताव तैयार करना होगा। 2 जून तक इन प्रस्ताव के प्रारूप को प्रकाशित करना होगा। संबंधित वार्डों की जनता 9 जून तक वार्डबंदी के प्रस्ताव पर आपत्ति एवं सुझाव संबंधित डीसी के पास दे सकेंगे। 1 जुलाई से पहले डिलिमिटेशन जनता की आपत्ति और सुझाव का डीसी को 16 जून तक निपटारा करना होगा। यदि डीसी के फैसले पर किसी को आपत्ति होगी तो वह सात दिन मंडलायुक्त के पास अपील कर सकेंगे। मंडलायुक्त को पांच दिन में जनता की अपील का निपटारा करना होगा। इसके बाद डीसी को हर एक जुलाई से पहले हर हाल में वार्डों का पुनर्गठन या डिलिमिटेशन पूरा करना होगा। 11 जुलाई तक वार्डों में रिजर्वेंशन करनी होगी इस साल नवंबर-दिसंबर में होने वाले चुनाव को देखते हुए 11 जुलाई तक सभी वार्डों की रिजर्वेंशन करनी होगी। 15 जुलाई तक आरक्षित वार्डों की पूरी जानकारी चुनाव आयोग को देनी होगी और इसकी नोटिफिकेशन जारी करनी अनिवार्य की गई है। हिमाचल में 74 नगर निकाय हिमाचल प्रदेश में कुल 74 शहरी निकाय है। इनमें से शिमला नगर निगम को छोड़कर अन्य सभी शहरी निकाय में इसी साल चुनाव होने हैं। यह चुनाव सात नगर निगम, 29 नगर परिषद और 37 नगर पंचायत में होने है। शहरी निकाय के साथ साथ 3600 से ज्यादा पंचायतों में भी चुनाव होने है। मगर आज की नोटिफिकेशन शहरी निकाय के वार्डों की डिलिमिटेशन को लेकर की गई है।

Spread the love