हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने फोरलेन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित 1 अप्रैल 2015 की अधिसूचना को रद्द कर दिया है। इस फैसले से प्रभावित किसानों को चार गुना मुआवजा मिलने का रोड प्रशस्त हुआ है। भूमि अधिग्रहण मंच के संयोजक जोगिंद्र वालिया के अनुसार कांग्रेस सरकार ने 2015 में दो गुना मुआवजे की अधिसूचना जारी की थी। भाजपा ने 2017 के चुनाव में चार गुना मुआवजा देने का वादा किया था। विधानसभा का हुआ था घेराव पिछले दस वर्षों से फोरलेन संघर्ष समिति, किसान सभा और भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच इस मुद्दे को उठाते रहे हैं। मंच ने अक्टूबर 2022 में मंडी में रैली की और दिसंबर 2021 में धर्मशाला विधानसभा का घेराव किया। मंच अध्यक्ष शबेली राम कौंडल ने बताया कि 2018 में गोविंद ठाकुर की अध्यक्षता में कमेटी बनी। अप्रैल 2022 में मंडी में मोहिंदर ठाकुर की अध्यक्षता में नई कमेटी का गठन हुआ। जिसमें राकेश पठानिया और गोविंद ठाकुर भी शामिल थे। केंद्र को कोई आपत्ति नहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मनाली में स्पष्ट किया था कि हिमाचल सरकार चार गुना मुआवजा देने पर केंद्र को कोई आपत्ति नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात में प्रभावित किसानों को चार गुना मुआवजे का उल्लेख किया था। अब उच्च न्यायालय के इस निर्णय से किसानों को उचित मुआवजे की आस जगी है।