हिमाचल प्रदेश के कुल्लू की मणिकर्ण घाटी में एनएचपीसी की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बरशेणी स्थित एनएचपीसी परियोजना डैम से बिना सूचना और हूटर बजाए पानी छोड़ा गया। इस कारण नदी किनारे बैठे दो लोग तेज बहाव में बह गए। एक का शव बरामद कर दिया गया है, जबकि दूसरे की अभी तलाश जारी है। सूचना के अनुसार, पांच टूरिस्ट नदी किनारे बैठे हुए थे। अचानक पार्वती नदी में जल स्तर बढ़ा। इसकी चपेट में पांच टूरिस्ट आए। इनमें से तीन लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। मृतक टूरिस्ट की अभी पहचान नहीं हो पाई है। रेस्क्यू टीमें दूसरे लापता टूरिस्ट की तलाश में जुटी हुई है। यह घटना आज दोपहर बाद करीब पौने दो बजे की बताई जा रही है। डीसी कुल्लू तोरुल एस रवीश ने बताया कि अब तक की जानकारी यह है कि बिना पूर्व सूचना और हूटर बजाए बगैर डैम से पानी छोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि टूरिस्ट भी नदी किनारे बैठे हुए थे। उन्होंने देशभर से कुल्लू-मनाली पहुंच रहे टूरिस्ट से नदी किनारे नहीं जाने की अपील की है। डीसी ने डैम प्रबंधन को दिए थे सतर्कता बरतने के निर्देश
बता दें कि बीते बुधवार को ही डीसी कुल्लू तोरुल एस रवीश ने डैम प्रबंधन के साथ मीटिंग की थी। इसमें सभी को डैम से पानी छोड़ने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे, क्योंकि गर्मियों में ग्लेशियरों के पिघलने से नदियों में अचानक जल स्तर बढ़ता है। वहीं देशभर से आने वाले टूरिस्ट नदी किनारे फोटो लेने उतर जाते हैं। इससे हादसे हो जाते है। इसे देखते हुए डीसी कुल्लू ने पानी छोड़ने से पहले सूचना देने और हूटर बजाने को कहा था। बावजूद इसके बिना सूचना के पानी छोड़ा गया है।