हिमाचल में कांग्रेस अध्यक्ष बदलने की चर्चाएं तेज है। ठियोग से कांग्रेस विधायक कुलदीप राठौर अध्यक्ष के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं, मगर उन्होंने शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान इस जिम्मेदारी को लेने से साफ इनकार कर दिया है। कुलदीप राठौर ने कहा, प्रदेश अध्य‌क्ष वह पहले रह चुके हैं। तब संगठन को ऊंचाइयों तक ले गए। हिमाचल में जो सरकार बनी, उसमें भी उनका योगदान रहा है। उन्होंने कहा, बहुत सारे नेता चाहते हैं कि वह संगठन की जिम्मेदारी स्वीकार करें। दिल्ली के राष्ट्रीय नेताओं ने इसे लेकर उनसे बात भी की। मगर, वह इस जिम्मेदारी के लिए अभी तैयार नहीं है। उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी दे रखी है। वह उससे खुश हैं। उनकी कोई इच्छा नहीं कि आज की परिस्थिति में संगठन का नेतृत्व स्वीकार करुं। अध्यक्ष के लिए एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाया: कुलदीप राठौर ने कहा, अध्यक्ष के लिए उन्होंने एक कदम भी नहीं आगे नहीं बढ़ाया और न ही किसी से बात की। उन्हें लगता है कि राजनीति में हर चीज की एक परिस्थिति होती है। फिलहाल अभी उनका प्रदेश का अध्यक्ष बनने का उनका कोई भी इरादा नहीं है। HPTDC दफ्तर शिफ्ट करने के फैसले से नाखुश: राठौर शिमला से धर्मशाला के लिए हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) दफ्तर को शिफ्ट करने के सवाल पर राठौर ने कहा, वह इस फैसले के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर वह खुद मुख्यमंत्री सुक्खू और पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन आरएस बाली से बात करेंगे। यदि धर्मशाला में दफ्तर खोलना है तो यहां रीजनल ऑफिस खोला जा सकता है। पर्यटन निगम का मुख्यालय यहां से शिफ्ट करना सही नहीं है। बता दें कि, मुख्यमंत्री सुक्खू HPTDC दफ्तर को शिमला से धर्मशाला शिफ्ट करने चाह रहे हैं। इसे लेकर पर्यटन विकास निगम की बीते सप्ताह संपन्न मीटिंग में फैसला लिया गया। अब कैबिनेट में चर्चा होनी है।

Spread the love