मंडी के गांधी भवन में हिमाचल प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार की पुण्यतिथि पर जिला कांग्रेस कमेटी ने बैठक आयोजित की। इस दौरान डॉ. परमार के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। जिला परिषद सदस्य और पूर्व प्रत्याशी चंपा ठाकुर ने डॉ. परमार के योगदान को याद करते हुए बताया कि वें 1952 में प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। 1956 से 1963 तक हिमाचल केंद्र शासित रहा। वें 1963 में दोबारा मुख्यमंत्री बने और 1977 तक इस पद पर रहे। डॉ. परमार ने 1 नवंबर 1966 को पंजाब के पहाड़ी क्षेत्रों को मिलाकर विशाल हिमाचल बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से 25 जनवरी 1971 को हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला। उन्होंने भूमि सुधार कानून बनाकर किसानों को जमीन का मालिकाना हक दिया। कार्यक्रम में कांग्रेस के पदाधिकारियों ने उनके बताए मार्ग पर चलने की शपथ ली। इस अवसर पर आकाश शर्मा, अनिल सेन, योगेश पटियाल व प्रदीप शर्मा समेत कई कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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