शिमला नगर निगम की मासिक बैठक में बुधवार को आवारा कुत्तों के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। इस मुद्दे पर भट्टाकुफर से कांग्रेस पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान से बहस की। इस दौरान उन्हें भाजपा समर्थित पार्षदों का भी समर्थन मिला। कांग्रेस पार्षद ने शिमला शहर में बढ़ते कुत्तों के आतंक का मुद्दा उठाया। पार्षद ने बताया कि आज सुबह ही शिमला के ढली क्षेत्र में एक स्कूली बच्चे को आवारा कुत्तों ने काट लिया। उन्होंने बहस के बाद कहा कि महापौर व नगर निगम के अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं करते है। भाजपा पार्षदों ने किया भी कांग्रेस का समर्थन इस मुद्दे पर भाजपा पार्षदों ने भी कांग्रेस का समर्थन किया। शहर में बढ़ रहे आवारा कुत्तों के आतंक के विरोध स्वरूप भाजपा पार्षद हाउस में ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान बवाल इतना बढ़ गया कि स्थिति को देखते हुए सदन की कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा। कांग्रेस पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि नगर निगम के अधिकारी हमेशा डॉग रूल्स का हवाला देते है। उन्होंने कहा कि नगर निगम की जिम्मेवारी है कि वह शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। शहर में आए दिनों कुत्तों का आतंक देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि शहरवासियों की सुरक्षा के लिए यदि डॉग रूल्स में संशोधन की आवश्यकता है तो उसके लिए नगर निगम को प्रदेश सरकार व नगर निगम के कानूनी अधिकारियों के माध्यम से यह मामला कोर्ट में उठाना चाहिए। ताकि शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। 2700 से ज्यादा लोगों को कुत्ते व बंदर काट चुके बता दें कि बीते एक साल के दौरान शिमला शहर के अलग-अलग अस्पतालों में कुत्तों व बंदरों के काटने के 2700 से ज्यादा मामले आ चुके हैं। इससे खासकर बच्चे व महिलाएं शिमला में घरों में कैद होकर रह गई हैं। इससे खासकर बच्चे व महिलाएं शिमला में घरों में कैद होकर रह गई हैं। वहीं प्रदेश सरकार और नगर निगम शिमला मूक दर्शक बनकर बैठा है। महापौर सुरेंद्र चौहान का बयान वही नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि नगर निगम शहरवासियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। नियमों के तहत नगर निगम कार्रवाई कर रहा है। वहीं उन्होंने पार्षदों की कुत्तों के काटने पर लोगों को मुआवजे देने की मांग पर कहा कि नगर निगम सरकार को इसका प्रस्ताव भेजेगीं।

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