जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। यह संगठन अब नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू जैसे सेक्युलर कहलाने वाले नेताओं के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं होगा। साथ ही अन्य मुस्लिम संगठनों से भी इनके कार्यक्रम का बहिष्कार करने की अपील की है। 

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