
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन, हमने कहा कि यह ‘मृत्यु’ नहीं है, यह ‘मृत्युंजय’ है। यह ‘महाकुंभ’ है। इस कुंभ ने साबित कर दिया है कि महाकुंभ के 45 दिनों में, हर दिन पश्चिम बंगाल के 50 हजार से एक लाख लोग इस आयोजन का हिस्सा थे।’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन, हमने कहा कि यह ‘मृत्यु’ नहीं है, यह ‘मृत्युंजय’ है। यह ‘महाकुंभ’ है। इस कुंभ ने साबित कर दिया है कि महाकुंभ के 45 दिनों में, हर दिन पश्चिम बंगाल के 50 हजार से एक लाख लोग इस आयोजन का हिस्सा थे।’