हिमाचल के कांगड़ा जिले में भूस्खलन से सुरक्षा के लिए एक नई पहल की गई है। जिला प्रशासन ने आईआईटी मंडी के साथ मिलकर भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में पूर्व चेतावनी प्रणाली स्थापित करने का निर्णय लिया है। उपायुक्त हेमराज बैरवा के अनुसार, जिले के नौ स्थानों पर पहले से ही स्वचालित मौसम स्टेशन लगाए जा चुके हैं। ये स्टेशन आवेरी, बीड़, खास, दरूग, नपोहता, कोहर खास, करनाथू और डंडेल में स्थापित किए गए हैं। ये उपकरण मौसम की सटीक जानकारी प्रदान कर रहे हैं। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की स्थापना भूकम्प की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण कांगड़ा में आपदा प्रबंधन को मजबूत किया जा रहा है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की स्थापना की जा रही है। साथ ही अग्निशमन सेवाओं में सुधार किया जाएगा। विशेष वेबसाइट भी विकसित जिला प्रशासन ने एक विशेष वेबसाइट भी विकसित की है। इस वेबसाइट से सभी पंचायतों को जोड़ा गया है। इससे पंचायत स्तर पर आपदा प्रबंधन की जानकारी तत्काल पहुंचाई जा सकेगी। स्थानीय प्रतिनिधि समय पर आवश्यक कार्रवाई कर सकेंगे। उपकरण पूर्वानुमान लगाने में सक्षम आईआईटी मंडी के साथ किए गए एमओयू के तहत, जिले के विभिन्न स्थानों पर सिंथेटिक एपर्चर रडार आधारित प्रोफाइल को तैयार किया जाएगा। मौसम स्टेशन के उपकरण भारी बारिश, आंधी और तूफान का पूर्वानुमान लगाने में सक्षम हैं। ये चेतावनियां जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और पंचायत प्रतिनिधियों को भेजी जाती हैं। यह व्यवस्था आपदाओं के प्रभाव को कम करने और समय रहते बचाव कार्य शुरू करने में मददगार साबित हो रही है। यह पहल प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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