केंद्र सरकार के प्रस्तावित एडवोकेट अमेंडमेंट बिल 2025 को लेकर हिमाचल प्रदेश में वकीलों का विरोध जारी है। हिमाचल प्रदेश में वकील न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर प्रदर्शन कर रहे हैं। हाईकोर्ट में बार एसोसिएशन ने प्रेसवार्ता की। हिमाचल बार काउंसिल अध्यक्ष लवलिश कंवर ने बताया कि अधिवक्ता बिल में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। उन्होंने वकीलों से हड़ताल वापस लेने की अपील की है। प्रस्तावित संशोधन बिल पब्लिक डोमेन में आया कंवर ने कहा कि जब जब यह प्रस्तावित संशोधन बिल पब्लिक डोमेन में आया और सरकार ने इसको लेकर सुझाव मांगे तो तो बार काउंसिल ऑफ इंडिया सहित सभी प्रदेशों की बार काउंसिल ने उसमें अपने सुझाव व आपत्तियां दर्ज करवाई। जिसके बाद केंद्र ने इस प्रस्तावित विधेयक को रद्द करने का फैसला लिया। हिमाचल प्रदेश में बिल का व्यापक विरोध हो रहा था। इसे देखते हुए प्रदेश के बार काउंसिल के प्रतिनिधि दिल्ली में कानून मंत्री से मिले। कानूनी मंत्री ने दिया आश्वासन उन्होंने मंत्री को हिमाचल के अधिवक्ताओं के विरोध से अवगत कराया। बार काउंसिल के अध्यक्ष ने बताया कि मंत्री ने आश्वासन दिया है कि सरकार ने प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन बिल पब्लिक डोमेन से भी बिल को वापस ले लिया है। देश के अन्य हिस्सों में वकील हड़ताल नहीं कर रहे हैं, केवल हिमाचल में हड़ताल जारी है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई विधेयक पब्लिक डोमेन में नही है, सभी वकील हड़ताल वापिस लें। उन्होंने प्रदेश के सभी वकीलों को आश्वासन दिया कि बार काउंसिल वकीलों के साथ है। जॉइंट एक्शन कमेटी की बैठक में फैसला अगर केंद्र सरकार बिल में कोई बदलाव करती है, तो काउंसिल उसको किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। वहीं हिमाचल प्रदेश में इस प्रस्तावित विधेयक के खिलाफ गठित जॉइंट एक्शन फ्रंट के सचिव अधिवक्ता श्याम लाल ठाकुर ने कहा कि इसके खिलाफ कल तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि आगे का फैसला जॉइंट एक्शन कमेटी की बैठक में लिया जाएगा।