हिमाचल प्रदेश में पेंशनर्स ने सुक्खू सरकार के खिलाफ धरना लगाया है। बुधवार को शिमला के चौड़ा मैदान में भारतीय राज्य पेंशनर्स संघ के बैनर तले विभिन्न पेंशनर्स असोसिएशन ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया।संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष घनश्याम शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार में पूर्व कर्मचारियों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही है। दो साल से चिकित्सा बिलों का भुगतान नहीं हुआ है। इससे पूर्व कर्मचारी समय पर इलाज नहीं करवा पा रहे हैं। कई पूर्व कर्मचारियों की मौत भी हो चुकी है। शर्मा ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि क्या इन दो सालों में कोई विधायक या मंत्री बीमार नहीं हुआ। क्या उनके मेडिकल बिल भी रोके गए हैं। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री इस पर श्वेत पत्र जारी करें। अगर विधायकों-मंत्रियों के बिलों का भुगतान हो रहा है तो पूर्व कर्मचारियों के बिल क्यों नहीं चुकाए जा रहे। उपाध्यक्ष बोले- अब तक पेंशन नहीं आई
उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकार के पास पेंशनर्स की हजारों करोड़ों रूप बकाया देनदारियां है और ऐसा पहली बार हुआ है कि प्रदेश में सभी पेंशनर्स को एक साथ पेंशन नहीं आई है। उन्होंने दावा किया की पांच तारीख हो गई है लेकिन प्रदेश के आधे जिलों में अभी तक पेंशन नहीं आई है। पेंशनर्स संघ ने सरकार को चेतावनी दी है। पेंशनर्स ने कहा कि 15 दिनों के भीतर यदि सरकार जेसीसी के गठन पर फैसला नहीं करती तो सभी पेंशनर्स असोसिएशन हिमाचल प्रदेश में जॉइंट फ्रंट का गठन करेगी जो पूरे प्रदेश भर में प्रदेश सरकार के खिलाफ जन जागरण अभियान चलाएगी और प्रदेश भर में उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।