मुझे लगता है कि कुंभ में जाए बिना इस बात का एहसास नहीं हो सकता कि काम कितना बड़ा है और इसे कितनी कुशलता के साथ किया जा रहा है। सबसे ज्यादा उत्साह महाकुंभ में आने वाले साधु संतों में नज़र आया।


मुझे लगता है कि कुंभ में जाए बिना इस बात का एहसास नहीं हो सकता कि काम कितना बड़ा है और इसे कितनी कुशलता के साथ किया जा रहा है। सबसे ज्यादा उत्साह महाकुंभ में आने वाले साधु संतों में नज़र आया। 

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