नागा साधु कुंभ शुरू होते ही अपनी धूनी जला देते हैं और यह कुंभ खत्म होने तक वे इसी के सामने बैठकर ध्यान लगाते हैं। नागा इसे शिव का प्रतीक मानते हैं।
नागा साधु कुंभ शुरू होते ही अपनी धूनी जला देते हैं और यह कुंभ खत्म होने तक वे इसी के सामने बैठकर ध्यान लगाते हैं। नागा इसे शिव का प्रतीक मानते हैं।