हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने शीतकालीन प्रवास की परंपरा को जारी रखते हुए विंटर सीजन में धर्मशाला से सरकार संचालन करने का निर्णय लिया है। यह कदम निचले हिमाचल के विकास और प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का यह निर्णय क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने और स्थानीय जनता की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने में मददगार होगा। धर्मशाला को राजधानी बनाने की कहानी 173 साल पुरानी है। ब्रिटिश काल में लॉर्ड एल्गिन ने इसे ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन शिमला को प्राथमिकता दी गई। बाद में भाजपा सरकार ने धर्मशाला को शीतकालीन राजधानी बनाने की मांग की। 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शीतकालीन प्रवास की परंपरा शुरू की और 2005 में पहली बार शिमला से बाहर विधानसभा का शीतकालीन सत्र आयोजित किया गया। वर्तमान में मुख्यमंत्री सुक्खू ने कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी बनाने की घोषणा की है और इस दिशा में कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम चल रहा है। स्थानीय जनता ने इस निर्णय का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। यह कदम न केवल प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाएगा बल्कि स्थानीय समस्याओं के समाधान में भी मददगार साबित होगा।

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