हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में कसमल की तस्करी की शिकायत पर विजिलेंस टीम ने हिमगिरी में दबिश देकर मामले की जांच शुरू की। इस मामले में विजिलेंस जांच शुरू होने से सरकारी भूमि में कसमल के रूप में मौजूद वन संपदा को कितना लूट गया है, इस बात का खुलासा होने की उम्मीद जगी है। बता दें कि, जिला चंबा में कसमल प्रचुर मात्रा में पाई जाती है और इसकी सबसे अधिक मौजूदगी वन भूमि में है। लेकिन कुछ लोग कसमल की तस्करी को अंजाम देने में जुटे हुए हैं। वन भूमि में मौजूद इस वन संपदा को बेचकर कुछ लोग मोटी कमाई कर रहे हैं। इस काम से जहां पर्यावरण व भू-संरक्षण को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं वन विभाग को भारी आर्थिक हानि हो रही है। कसमल से भरी गाड़ियों की जांच जिसके बाद विजिलेंस के पास शिकायत पहुंची। शिकायत पर कार्रवाई करने के लिए विजिलेंस टीम ने चुराह वन मंडल के दायरे में आने वाले हिमगिरी क्षेत्र का रुख किया। टीम ने मौके पर उखाड़ी गई कसमल और कसमल से भरी गाड़ियों की जांच की और उनसे संबंधित दस्तावेजों की भी पड़ताल की। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने अस्थाई रूप से क्षेत्र में चल रहे कसमल उखाड़ने के काम पर रोक लगा दी है, साथ ही इस कार्य के लिए जारी परमिट भी रोक दिए हैं। वन सर्कल चंबा के सीएफ अभिलाष दामोदरम का कहना है कि यह फैसला तब तक प्रभावी रहेगा, जब तक विजिलेंस टीम अपनी जांच प्रक्रिया को पूरी नहीं कर लेती है। एएसपी अभिमन्यु वर्मा का कहना है सरकारी भूमि से अवैध रूप से कसमल उखाड़ने को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसकी जांच करने के लिए विजिलेंस टीम ने संबंधित क्षेत्र का दौरा किया।

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