एक महिला को जादू-टोना करने के आरोप में उसको शारीरिक रूप से प्रताड़ित किए जाने पर शीर्ष अदालत ने हैरानी जताई। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता के साथ सार्वजनिक रूप से मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया, जो निस्संदेह उसकी गरिमा का अपमान था। इस घटना ने कोर्ट की अंतरात्मा को झकझोर दिया, क्योंकि ऐसे कृत्य 21वीं सदी में हो रहे हैं।
एक महिला को जादू-टोना करने के आरोप में उसको शारीरिक रूप से प्रताड़ित किए जाने पर शीर्ष अदालत ने हैरानी जताई। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता के साथ सार्वजनिक रूप से मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया, जो निस्संदेह उसकी गरिमा का अपमान था। इस घटना ने कोर्ट की अंतरात्मा को झकझोर दिया, क्योंकि ऐसे कृत्य 21वीं सदी में हो रहे हैं।