हिमाचल में किन्नौर के गांव उरनी में जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से बागवानी शिविर का आयोजन किया। शिविर में किसानों और ग्रामीणों को बागवानी की आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। सहकारी बैंक के अधिकारियों ने किसानों को बागवानी क्षेत्र के लिए उपलब्ध सरकारी नीतियों और योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही, लोगों को टीबी (क्षय रोग) के लक्षण, उपचार, और रोकथाम के उपायों से अवगत कराया गया। सभी प्रतिभागियों ने “टीबी मुक्त भारत” की शपथ भी ली। डॉ. डीपी भंडारी ने सेब के स्कैब (Scab) और अन्य रोगों के प्रबंधन के लिए स्प्रे शेड्यूल पर जानकारी प्रदान की। उन्होंने किसानों को फसलों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और सही समय पर दवाओं के उपयोग के महत्व पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, डॉ. नेगी ने कैनोपी मैनेजमेंट, कटिंग, प्रूनिंग, और बागवानी की अन्य तकनीकों पर व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। शिविर में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और इसे अत्यधिक लाभकारी बताया। ग्रामीणों ने जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन और सहायक विभागों को इस प्रयास के लिए आभार जताया।

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