मंडी जिला के सुंदरनगर से भारत की पारंपरिक खेल का आगाज होने जा रहा है। राष्ट्रीय पच्चीसी खेल प्रतियोगिता सुंदरनगर में 10 से 12 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। इससे पूर्व प्रतियोगिता के लिए चयनित होने वाली हिमाचल प्रदेश की टीम के चयन के लिए ट्रायल और प्रशिक्षण शिविर सुंदरनगर में ही लगेगा। जानकारी देते हुए हिमाचल प्रदेश पच्चीसी खेल संघ के अध्यक्ष संजय कुमार ने कहा कि पूरे भारत में हिमाचल से पचीसी खेल का आगाज होने जा रहा है। पचीसी खेल एक पारंपरिक भारतीय बोर्ड गेम है। करीब 200 साल पहले यह भारत वर्ष का राष्ट्रीय खेल था और इसे राजा महाराजा खेला करते थे। इस खेल को अमेरिका में पर्चिसी के नाम से जाना जाता है और भारत में पचीसी के नाम से जाना जाता है। खेल में होते हैं 25 अंक
संजय कुमार ने कहा कि इस खेल में अधिकतम 25 अंक होते है। इसलिए इसका नाम पचीसी है। इस खेल को दोबारा से जीवित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे पच्चीसी खेल का अपना वजूद एक बार फिर जीवित किया जा सके। प्रदेशाध्यक्ष संजय कुमार ने कहा कि प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर भारतीय पच्चीसी खेल महासंघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष महारानी परनीत कौर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगी। जबकि अंतर्राष्ट्रीय संघ के महासचिव पीएस बराड़ विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल पच्चीसी फेडरेशन ने कनाडा, अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया में मान्यता प्रदान की है और पचीसी गेम फेडरेशन ऑफ इंडिया ने उन्हें अपने साथ मिलाया है। प्रदेश के हर कोने में होगा प्रचार-प्रसार
संजय कुमार ने कहा कि पच्चीसी एक कपड़े के बने बोर्ड पर खेली जाती है, जिसमें दो या चार खिलाडी बैठ कर इसे खेलते हैं। यह खेल आम भारतीय खेलों की तरह ही खेला जाता है। इसमें सब-जूनियर, जूनियर, सीनियर और सुपर सीनियर टूर्नामेंट का प्रावधान रखा है। इंटरनेशनल पचीसी फेडरेशन द्वारा महाराजा कप और महारानी कप करवाने का प्रावधान है। इस खेल में भारत की पुरानी रियासतों के राज कुमार और राज कुमारियां भी खेल में भाग ले पाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को इस खेल से रुबरू होने का मौका मिलेगा और इसका प्रचार-प्रसार प्रदेश के हर कोने में किया जाएगा।

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