किन्नौर जिला के सांगला घाटी का रकच्छम गांव दुनिया का पहला साहसिक खेल बोल्डरिंग का डेस्टिनेशन बन सकता है। ऑस्ट्रिया के पर्वतारोही बरनेड जगेरी पिछले कई वर्षों से रकच्छम के युवाओं को इस साहसिक खेल के लिए न केवल प्रेरित कर रहे हैं, बल्कि कई बच्चे बोल्डरिंग करने में पूरी तरह सक्षम हो गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के पर्वतारोही बरनेड जगेरी का मानना है कि रकच्छम की चट्टान बोल्डरिंग के लिए दुनिया का सबसे उपयुक्त जगह है और यह बोल्डरिंग का डिस्टिनेशन बन सकता है। उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने सांगला घाटी के पर्यटन स्थल रकच्छम का दौरा किया व साहसिक खेल बोल्डरिंग के ऑस्ट्रिया के पर्वतारोही बरनेड जगेरी से इस संदर्भ में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। जगेरी ने कहा कि उनका मकसद इस खेल को स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण एवं बारीकियों से अवगत करवाना है, ताकि रकच्छम गांव विश्व पर्यटन पर्वतारोही की पसंद बन सकें। उपायुक्त किन्नौर ने कहा कि ऑस्ट्रिया के जगेरी को बोल्डरिंग में महारथ हासिल है। बोल्डरिंग के लिए साहस, अनुशासन एवं फोकस चाहिए और इस के माध्यम से स्थानीय युवा नशाखोरी से दूर रहेंगे तथा अनुशासन से सशक्त नागरिक बनकर प्रदेश का नाम रोशन करेगें। उपायुक्त ने ऑस्ट्रिया के पर्वतारोही बरनेड जगेरी से कहा कि वे स्थानीय युवाओं को इस साहसिक खेल के बारे में जागरूक करे ताकि पर्यटन स्थल रकच्छम पर्वतारोही की पसंद बन सकें। उपायुक्त ने इस के लिए हर संभव सहायता करने का आश्वासन दिया। उपायुक्त ने कहा कि अब तक जगेरी स्वयं आने खर्च पर स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण मुहैया करवा रहे हैं।