हिमाचल के मंडी जिले में वन मंडल जोगिंद्रनगर के तहत आने वाली फॉरेस्ट रेंज उरला के सझेड़ गांव में एक मादा तेंदुआ बिछाए गए जाल में फंस गई। ग्राम पंचायत नौहली के अंतर्गत सझेड़ गांव के लोगों ने खेतों में आने वाले जंगली जानवरों के लिए जाल बिछाया था। जिसमें मंगलवार को मादा तेंदुआ आकर फंस गई। जिसके बाद वन विभाग को इसकी सूचना दी, मौके पर पहुंची टीम ने मादा तेंदुआ को सुरक्षित निकालकर जंगल में छोड़ दिया। जब ग्रामीणों ने जाल में मादा तेंदुआ को फंसा हुआ देखा तो इसकी सूचना आरओ उरला शिवम रत्न को दी। शिवम रत्न सीनियर वेटनरी ऑफिसर दीपक वर्मा, रिटायर्ड प्रोफेसर राजेंद्र किश्तवारिया, बीओ कमल किशोर, फॉरेस्ट गार्ड नरेश कुमार, राम कृष्ण और चौकीदार दुर्गा दास के साथ शाम करीब 4 बजे मौके पर पहुंचे। जिसके बाद ट्रेंकुलाइजर गन की मदद से मादा तेंदुआ को बेहोश किया गया और उसे सड़क किनारे लाकर पूरा मेडिकल परीक्षण किया गया तथा फर्स्ट एड दी गई। स्वास्थ्य जांच में यह मादा तेंदुआ पूरी तरह से ठीक पाई गई। लगाए गए जाल से मादा तेंदुआ के शरीर पर कोई जख्म नहीं हुआ था, सिर्फ चमड़ी पर ही निशान पड़े थे। इसके बाद इस मादा तेंदुआ को रात 9 बजे सुनसान जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। डीएफओ जोगिंद्रनगर कमल भारती ने इसकी पुष्टि की है।

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