हिमाचल प्रदेश में बिना पंजीकरण कारोबार करने वाले स्ट्रीट वेंडर पर शिकंजा कसने वाला है। चाहो वो प्रवासी हो या फिर लोकल। प्रदेश में मस्जिद विवाद के बाद स्ट्रीट वेंडर की समस्या के समाधान को विधानसभा अध्यक्ष द्वारा गठित कमेटी की आज दोपहर बाद शिमला में महत्वपूर्ण मीटिंग होने जा रही है। इसमें स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी को लेकर चर्चा की जाएगी। यह कमेटी स्पीकर के माध्यम से राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी। इसकी सिफारिश पर सड़क किनारे, गलियों में अस्थाई दुकानें लगाने के लिए स्थान चिन्हित किए जाएंगे और लाइसेंस भी इसी कमेटी की सिफारिश पर दिए जाएंगे। दरअसल, विधानसभा के मानसून सत्र में भी प्रवासियों के पंजीकरण का मुद्दा उठा था। मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने शिमला में रोहिंग्या मुसलमानों की बात कही थी। उन्होंने कहा, बिना सत्यापन के बाहरी लोग शिमला में आकर बस रहे हैं और आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं। उनकी कोई पहचान नहीं है। वे प्रदेश का माहौल खराब कर रहे हैं। उन्होंने सदन में नीति बनाकर प्राथमिकता के आधार पर हिमाचलियों को रेहड़ी-पटरी लगाने की मांग की थी। इसके बाद मस्जिद मामले में प्रदेशभर में प्रदर्शन हुए। इस दौरान भी सभी शहरों में प्रदर्शनकारियों ने बाहरी लोगों का उचित सत्यापन करने और उनकी पृष्ठभूमि की जांच करने के बाद ही कारोबार करने की अनुमति देने की मांग की। इसी मामले में बयान के बाद घिरे विक्रमादित्य इसी मसले में बयान देने के बाद शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी घिरे। उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर हिमाचल में भी दुकानों में आईकार्ड अनिवार्य किए जाएंगे। इसके बाद पूरे देश में कांग्रेस बेकफुट पर आ गई, क्योंकि उत्तर प्रदेश में जब योगी सरकार ने कावड़ यात्रा के दौरान आईकार्ड अनिवार्य किए थे तो कांग्रेस ने यूपी सरकार को मुसलमान विरोधी बताया था। इस वजह से विक्रमादित्य सिंह घिर गए और प्रदेश सरकार ने भी उनके बयान से किनारा कर दिया। हालांकि विक्रमादित्य सिंह ने केंद्र द्वारा 2012 में बनाए गए स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट को लागू करने की बात कही थी, जिसे हिमाचल में भी साल 2016 में लागू किया जा चुके है। इस एक्ट की धारा 5 में तहबाजारियों के पंजीकरण का प्रावधान पहले से मौजूद है। इसे आधार बनाते हुए विक्रमादित्य ने पंजीकरण की बात कही थी, लेकिन उन्होंने अपने बयान में उत्तर प्रदेश शब्द का इस्तेमाल किया, जिससे वह घिर गए। कमेटी में ये मंत्री-विधायक शामिल विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने स्ट्रीट वेंडर्स कमेटी उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में बनाई है।इसमें मंत्री अनिरुद्ध सिंह, विक्रमादित्य सिंह के अलावा भाजपा विधायक अनिल शर्मा, सतपाल सिंह सती, रणधीर शर्मा और शिमला शहर से कांग्रेस विधायक हरीश जनारथा भी शामिल है। इस कमेटी का सचिव शहरी विकास विभाग के सचिव को बनाया गया है। अवैध तहबाजारियों पर कसेगा शिकंजा वर्तमान में शिमला सहित प्रदेश के सभी बड़े कस्बों में तहबाजारी गंभीर समस्या बन चुके हैं। तहबाजारी बिना अनुमति व लाइसेंस के बगैर अपनी दुकानें सजा देते हैं। इससे सड़कें संकरी हो जाती है। खासकर त्योहार सीजन में राहगीरों को इससे परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में अब पॉलिसी बनने के बाद लाइसेंस धारक तहबाजारी ही अपनी दुकान सजा पाएंगे।