हिमाचल में चल रहे मस्जिद विवाद के बीच एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला ने कहा कि कुल्लू की मस्जिद अवैध नहीं है बल्कि वैध है। उन्होंने कहा कि यह मस्जिद आबादी फाटी में आती है और आजादी से पहले बनी हुई है। जो वक्फ बोर्ड पंजाब के नाम पंजीकृत है। विकास शुक्ला ने कहा कि मस्जिद के पुनर्निर्माण की मांग मुस्लिम समुदाय ने 1999 में की गई थी। 3 साल के निर्माण की इन्हें टीसीपी से मंजूरी भी मिली थी। पैसों की कमी के कारण कार्य थोड़ा लंबित हुआ। उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्होंने टीसीपी निदेशक को नियमितीकरण के लिए मांग की और निदेशक टीसीपी ने इसका नया नक्शा मांगा है । वहीं सोमवार को जिला कुल्लू मुख्यालय में हिंदू संगठनों ने धरने प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। वहीं देव समाज से जुड़े लोगों ने हिंदू संगठनों से आग्रह किया है कि दशहरा उत्सव के दौरान धरना प्रदर्शन न किया जाएगा । ढालपुर मैदान में 13 अक्टूबर से अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। देव समाज इसकी तैयारी में जुट गया है। इसी मुद्दे को लेकर ढालपुर में जिला कुल्लू देवी देवता कारदार संघ की बैठक भी आयोजित की गई। देवी देवता कारदार संघ के जिला अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने बताया कि इन दिनों देव समाज दशहरा उत्सव को लेकर तैयारियां कर रहा है। लेकिन जिस तरह से आए दिन प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया में बातें फैलाई जा रही है। उससे देव समाज भी परेशान हो रहा है। ऐसे में सभी संगठनों से आग्रह है कि वह इस तरह के प्रदर्शन की बातें सोशल मीडिया में ना फैलाएं। क्योंकि साल में एक बार ढालपुर में इस दशहरे उत्सव का आयोजन किया जाता है और सरकार तथा प्रशासन भी इसमें अपनी बेहतरीन भूमिका निभाता है। ऐसे में सभी संगठन अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से देव नीति का पालन करें और आपसी भाईचारे को भी बनाए रखें ।