हिमाचल के कुल्लू में जिस बिजली महादेव रोपवे प्रोजेक्ट का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 नवंबर 2017 को एक जनसभा में किया था। मंडी से BJP सांसद कंगना रनोट खुद इस प्रोजेक्ट के विरोध में उतर आई हैं। कंगना रोपवे के विरोध में देव समाज के लोगों के साथ खड़ी हो गई हैं। कंगना ने एक जनसभा में कहा, पहले भी वह इसे लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी से मिल चुकी है। अगर जरूरत महसूस हुई तो वह दोबारा भी गड़करी से मिलेगी और इस प्रोजेक्ट को नहीं बनाने का आग्रह करेगी। कंगना ने कहा, अगर हमारे देवता नहीं चाहते तो यह प्रोजेक्ट बंद होना चाहिए। हमारे लिए देवता का आदेश आधुनिकीकरण से जरूरी है। बता दें कि बिजली महादेव प्रोजेक्ट सालों से बनाने के दावे किए जाते है। पूर्व वीरभद्र सरकार और उसके बाद जयराम सरकार ने भी इसे बनाने के लिए प्रयास किए। अप्रैल 2022 में पूर्व जयराम सरकार के समय हिमाचल और नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड के बीच 3,232 करोड़ रुपए से बनने वाले 7 रोपवे को लेकर एमओयू साइन हुआ। इनमें बिजली महादेव रोपवे भी शामिल था। उस समय बिजली महादेव रोपवे के निर्माण की लागत 200 करोड़ आंकी गई थी, जो अब बढ़ गई है। क्यों हो रहा रोपवे का विरोध कुल्लू की खड़ाहन और कशावरी घाटी के लोग पहले से इस रोपवे का विरोध कर रहे हैं। देव समाज का कहना है कि रोपवे लगने के बाद यहां आने वाली भीड़ की वजह से वातावरण पर विपरीत असर पड़ेगा। देव स्थानों की पवित्रता भी दूषित होगी। इसके लिए पेड़ काटे जाएंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि देवता बिजली महादेव ने भी गुर के माध्यम से रोपवे ना लगाए जाने की बात कही है। गड़करी ने किया था 272 करोड़ देने का ऐलान केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने बिजली महादेव बिजली प्रोजेक्ट के मार्च 2024 में हमीरपुर से वर्चुअली शिलान्यास किया था। तब उन्होंने प्रोजेक्ट के लिए 272 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया।मगर अब कंगना के बयान के नई बहस शुरू हो गई है, क्योंकि पूर्व की बीजेपी सरकार ने भी इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के प्रयास किए और बीजेपी की सांसद इसके विरोध में उतर आई हैं। लोकल MLA पर कंगना का निशाना कंगना ने कहा कि बिजली महादेव रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर पर निशाना साधा। कंगना ने कहा, विधायक अपने निजी फायदे के लिए रोपवे लगवा रहे हैं, जबकि इस प्रोजेक्ट को लेकर 10 साल से भी अधिक समय से प्रयास किए जा रहे हैं। एक दिन में 36 हजार पर्यटक कर सकेंगे दर्शन इस रोपवे के बनने के बाद कुल्लू के खराहल घाटी के शीर्ष पर स्थित बिजली महादेव के मंदिर पहुंचने के लिए लोगों को ट्रैफिक जाम का सामना नहीं करना होगा। रोपवे के बन जाने से घाटी के पर्यटन को भी पंख लगेंगे। इस रोपवे के बनने से हजारों पर्यटक एक दिन में बिजली महादेव के दर्शन कर सकते हैं और यहां के पर्यटन को भी इससे काफी लाभ होगा। रोपवे ब्यास नदी के किनारे नेचर पार्क मौहल के साथ बनाया जाएगा। अभी तक बिजली महादेव के दर्शन करने के लिए 25 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। इस रोपवे का निर्माण नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) करेगी। निर्माण कंपनी को काम अवॉर्ड कर दिया गया है। पहले स्टेज के निर्माण कार्य की अनुमति भी मिल गई है। बिजली महादेव का यह रोपवे मोनो केबल रोपवे होगा। इसकी कुल लंबाई 3.2 किलोमीटर होगी।