एक अक्टूबर से शेयरों का बायबैक शेयरधारक स्तर पर टैक्स के अधीन होगा। इससे निवेशकों पर टैक्स का बोझ बढ़ जाएगा। बता दें कि केंद्रीय बजट 2024 में प्रस्तावित टीडीएस दरों को वित्त विधेयक में मंजूरी दी गई थी।


एक अक्टूबर से शेयरों का बायबैक शेयरधारक स्तर पर टैक्स के अधीन होगा। इससे निवेशकों पर टैक्स का बोझ बढ़ जाएगा। बता दें कि केंद्रीय बजट 2024 में प्रस्तावित टीडीएस दरों को वित्त विधेयक में मंजूरी दी गई थी। 

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