हिमाचल प्रदेश में एक रिटायर HAS अफसर से 73 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी हुई है। ऑनलाइन जालसाज़ों ने रिटायर अधिकारी को अपने ही घर में कई घंटे तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। शातिरों ने CBI अफसर बनकर ठगी को अंजाम दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, शातिरों ने रिटायर अधिकारी को बताया कि उनके बैंक अकाउंट का हैदराबाद में आतंकी गतिविधियों में प्रयोग हो रहा है। आतंकी गतिविधियों की बात सुनकर अधिकारी घबरा गए और ऑनलाइन ठगों के जाल में फंसते गए। राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला बताकर किसी से चर्चा न करने की हिदायत दी गई। 4 सितंबर को आया पहला कॉल रिटायर HAS अधिकारी को बीते 4 सितंबर को अज्ञात नंबर से फोन आया और शातिर ने खुद को सीबीआई अफसर बताया। ठगों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट (SC) ने उनके खिलाफ 12 घंटे का डिजिटल अरेस्ट वारंट निकाला है। इसके बाद उन्हें वीडियो कॉल के जरिए 12 घंटों तक निगरानी में रखा गया। CBI के कई फर्जी अधिकारियों से कराई बात इस दौरान उन्हें CBI के उच्च अधिकारियों से बातचीत का नाटक रचा गया और कई लोग वीडियो कॉफ्रेंस के जरिए रिटायर अफसर से बात करते रहे। इसके बाद शातिरों ने 73 लाख रुपए की ठगी कर दी है। अधिकारी ने 4 से 12 सितंबर के बीच यह राशि ट्रांसफर की। रिटायर अधिकारी ने अपनी परिवार वालों के नाम पर जमा पैसा भी शातिरों के बताए खातों में जमा कर दिया। 3 दिन में राशि लौटाने का भरोसा शातिरों ने अधिकारी को भरोसा दिलाया कि तीन दिन के भीतर यह राशि उनके अकाउंट में वापस आ जाएगी। 12 सितंबर के बाद शातिरों ने जमीन की जांच की धमकी देना शुरू किया। इसके बाद अधिकारी को शक और तब उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस थाना मंडी रेंज में संपर्क किया। डरें नहीं, तुरंत 1930 पर शिकायत करें साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन मध्य रेंज मंडी के एएसपी मनमोहन सिंह के अनुसार, 21 लाख के करीब पैसा बैंक खातों में फ्रीज कर दिया गया है। कोर्ट के माध्यम से यह पैसा शिकायतकर्ता को दिलवाया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस तरह के फर्जी कॉल के डर में न आएं। किसी भी तरह से ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत साइबर पुलिस को शिकायत दें।