हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने मस्जिद विवाद के बीच बड़ा बयान देते हुए कहा कि बाहर से आने वाले लोग हिमाचल को ऐशगाह न बनाएं। उन्होंने कहा कि एक तिथि पर आधार कार्ड बन गया है तो उसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। दरअसल, राज्यपाल शुक्ल बुधवार देर शाम शिमला जिला के कुफरी में प्रादेशिक सेना के एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम के बाद उन्होंने मीडिया के सवाल पर चिंता जाहिर करते हुए कहा, हिमाचल की पवित्रता हिमाचलियों से है। यह बनी रहनी चाहिए। उन्होंने यह भी माना कि उनका मानना है कि प्रशासन अपने स्तर पर हर संभव प्रयत्न कर रहा है। राज्यपाल ने नशे पर भी चिंता जाहिर की राज्यपाल ने कहा, हिमाचल में जो नशा बढ़ा है, ऐसे सब लोगों पर कठोर से कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। हिमाचल हिमाचलियों का है। वह इस बात को बार बार कह रहे है। इस पर ध्यान देना है। मस्जिद विवाद के बाद वैरिफिकेशन को लेकर विवाद दरअसल, मस्जिद विवाद के बाद प्रदेश के अलग अलग शहरों में लोग बाहर से आने वाले लोगों के आधार कार्ड की जांच कर रहे हैं। बहुत सारे लोगों के आधार कार्ड में जन्म तिथि एक-एक जनवरी मिली है। इससे लोगों ने खासकर एक समुदाय विशेष के लोगों पर पहचान छिपाकर रहने की शंका जाहिर की। गुम्मा में सही पाए गए थे सभी आधार कार्ड ऐसी ही एक शिकायत शिमला जिला के कोटखाई पुलिस थाना में गुम्मा बाजार के दुकानदारों ने पुलिस को दी थी, जिसमें पुलिस ने 88 लोगों के आधार कार्ड पुलिस को दिए। इनमें से 46 की जन्मतिथि एक जनवरी थी। पुलिस ने जब इसकी जांच की तो सभी आधार कार्ड सही पाए गए। प्रदेश के अन्य शहरों में भी इसी तरह समुदाय विशेष के लोगों के आधार कार्ड को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे है। मंत्री भी उठा चुके सवाल राज्यपाल से पहले विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने भी राज्य में अवैध घुसपैठिएं होने की बात कही थी। उन्होंने बाहर से आने वाले लोगों की पहचान की मांग सदन में की थी। उन्होंने यहां तक कहा थी कि यहां बांग्लादेशी घुसपैठिए पहुंच गए हैं। ऐसे एक दो व्यक्ति को वह खुद जानते है। इसके बाद प्रदेशभर से बाहरी लोगों के पंजीकरण की बात तेज हुई है। इसी मांग को लेकर जगह जगह प्रदर्शन हो रहे हैं।

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