शिमला के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कॉलेज संजौली में छात्र संगठन SFI व कॉलेज प्रशासन के बीच गतिरोध जारी है। छात्र नेताओं के निष्कासन के विरोध में संगठन कार्यकर्ताओं ने सोमवार को फिर से कॉलेज गेट के बाहर धरना प्रदर्शन किया। छात्र संगठन कार्यकर्ताओं ने करीब एक घण्टे तक कॉलेज गेट के बाहर नारेबाजी की। इसके साथ उन्होंने कॉलेज प्रशासन को वार्ता के लिए नहीं बुलाने पर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी हैं। SFI इकाई अध्यक्ष प्रवेश ने कहा कि कॉलेज प्रशासन ने शुक्रवार को तानाशाही व राजनीति द्वेष के चलते 6 छात्र नेताओं को निष्कासित कर दिया। उन्होंने कहा कि छात्र नेताओं ने कॉलेज प्रशासन से बीते वीरवार को कॉलेज की एक छात्रा के साथ बदतमीजी व छेड़छाड़ करने वाले छात्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। SFI ने आरोपी के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर कॉलेज परिसर में विरोध प्रदर्शन करने का आवाहन किया था। लेकिन कॉलेज प्रशासन ने छात्रों के प्रदर्शन करने के लोकतांत्रिक अधिकार रोकने का प्रयास किया। SFI ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन छेड़छाड़ के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय SFI के कार्यकर्ताओं पर द्वेष के कारण कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। संजौली कॉलेज में पड़ने वाले एसएफआई कार्यकर्ताओं को कॉलेज परिसर में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। उग्र प्रदर्शन करने की दी चेतावनी SFI इकाई अध्यक्ष प्रवेश ने कहा कि कॉलेज प्रशासन यदि आज वार्ता के लिए नहीं बुलाता, तो आगामी कल से पूरे शहर के से छात्र इकट्ठा होकर संजौली कॉलेज के बाहर प्रदर्शन शुरू कर देंगे। SFI इकाई अध्यक्ष ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी कल से कॉलेज प्रशासन के खिलाफ़ उग्र प्रदर्शन शुरू कर देगा। कॉलेज में तैनात पुलिस सोमवार को भी कॉलेज परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस जवानों ने गेट पर आई कार्ड चैक करके ही छात्रों को कॉलेज परिसर में एंट्री दी है। बिना आई कार्ड के कॉलेज पहुंचे छात्रों को कॉलेज गेट से ही वापस भेजा गया। कॉलेज में बढ़े तनाव के बाद प्रशासन ने परिसर में सख्ती कर दी है। प्रशासन ने छात्र संगठनों के बाहरी लोगों व निष्कासित कार्यकर्ताओं को कॉलेज परिसर में पूर्ण रूप से बैन कर दिया है। क्या कह रहा कॉलेज प्रशासन…? कॉलेज प्रशासन का कहना है कि SFI के कार्यकर्ता परिसर में माहौल खराब कर रहे हैं। प्रोफेसर के साथ बतमीजी व धमकियां दे रहे रहे हैं। जिसके बाद प्रशासन ने पूरे स्टाप व वूमेन सेल की सिफारिश के आधार पर 6 कार्यकर्ताओं को निष्कासित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि लड़की की शिकायत पर प्रशासन ने तुंरत कार्रवाई की है। उस मामले को दोनों की सहमति से सुलझा दिया था। लेकिन SFI उसमे राजनीति कर रही है और कॉलेज का माहौल खराब कर रही है। कहां से शुरू हुआ विवाद..? वीरवार को कॉलेज की एक छात्रा ने कॉलेज के ही एक छात्र के खिलाफ़ बदतमीजी व छेड़छाड़ की शिकायत दी। जिसको लेकर SFI कॉलेज प्रशासन से वूमेन सेल कमेटी गठित करके मामले की जांच की मांग की। दूसरे दिन शुक्रवार को एस एफ आई कॉलेज प्रशासन से फिर मिलती है और मामले में प्रशासन ने क्या कार्रवाई की। उसके बारे में जानकारी लेती है। कॉलेज प्रशासन की कार्रवाई से ही असन्तुष्ट होकर छात्र संगठन ने परिसर में धरने का आवाहन किया। जिसको कॉलेज प्रशासन ने रोकने का प्रयास किया। जिसके बाद प्रोफेसरों व छात्र कार्यकर्ताओं के बीच बहस हो गई और बात निष्कासन तक पहुंच गई। कॉलेज प्रशासन ने 6 एसएफआई कार्यकर्ताओं को निष्कासित कर दिया।