हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में महंगाई भत्ते की किस्त ना मिलने से नाराज पेंशनर्स ने आज सड़कों पर उतर कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और शहीद स्मारक से कचहरी अड्डा तक रैली निकाली। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन जिला कांगड़ा के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर का कहना है कि सरकार ने पेंशनर्स से बातचीत करना भी उचित नहीं समझा, जिससे प्रदेशभर के पेंशनर्स में सरकार के तानाशाही रवैये को लेकर गहरा रोष है। उन्होंने चेतावनी दी है कि सरकार पेंशनरों की संख्या को कम न आंके। उनकी मांगों को दरकिनार करना सरकार को अब भारी पड़ सकता है। पेंशनर्स की प्रमुख मांगें पेंशनर्स की मांग है कि जनवरी 2016 से संशोधित पेंशन की बकाया देनदारियां, महंगाई भत्ते की 12% बढ़ोतरी, लंबित चिकित्सा बिलों का तत्काल भुगतान, हर माह की पहली तारीख को पेंशनर्स की अदायगी की सुनिश्चितता और कंप्यूटेशन की रिकवरी की अवधि को 15 वर्ष की बजाय 10 वर्ष करने की मांग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अगस्त माह में शिमला में हुई एसोसिएशन की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से अपील की थी कि 15 सितंबर से पहले पहले पेंशनर्स की लंबित मांगों को माने, पेंशनर्स को बातचीत के लिए बुलाए और पेंशनर्स की जेसीसी का गठन करें तथा पेंशनर्स को हर महीने पहली तारीख को पेंशन देने बारे दिशा निर्देश जारी करें। उसके बावजूद आज दिन तक पेंशनर्स की कोई भी मांग नहीं मानी गई।