चंबा में स्वास्थ्य विभाग ने दवा विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द कर दिए। प्रतिबंधित दवाइयों का सही रिकॉर्ड नहीं रखने पर चंबा और भरमौर के दो केमिस्टों के लाइसेंस एक महीने के लिए रद्द कर दिए गए हैं जबकि दो अन्य केमिस्टों की नशे की दवाई बेचने की परमिशन को हमेशा के लिए रद्द कर दिया है। चार केमिस्टों की दुकानों में एंटी बायोटिक सहित अन्य दवाओं का रिकॉर्ड सही नहीं पाए जाने पर सात दिन के लिए उनके लाइसेंस रद्द किए है। जिस केमिस्ट का जितने दिन के लिए ड्रग लाइसेंस रद्द किया गया है उसे उतने दिनों तक अपनी दुकान बंद रखनी होगी। यदि किसी भी केमिस्ट ने अपनी दुकान को खोला तो उसके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा। इसके लिए भी केमिस्टों को चेतावनी जारी कर दी गई है। यह कार्रवाई धर्मशाला से स्टेट ड्रग कंट्रोलर ने की। कुछ दिन पहले भी चंबा में कार्यरत दवा निरीक्षक ने जिला के सभी केमिस्ट की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कई दुकानों में दवाइयों का रिकॉर्ड सही नहीं मिले। इसको लेकर उन्होंने पूरी रिपोर्ट तैयार की। इस रिपोर्ट को उन्होंने स्टेट ड्रग कंट्रोलर के कार्यालय में भेजा। जहां पर रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद गंभीरता से इस मामले को लेते हुए केमिस्टों के लाइसेंस रद्द करने का फैसला लिया। डॉक्टर पर्ची के बगैर किसी को भी नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाई न बेचने के निर्देश है। प्रतिबंधित दवाई लिखने वाले डॉक्टर का पूरा नाम और फोन नंबर के साथ मरीज का भी पूरा रिकॉर्ड रखना जरूरी है। यदि कोई डॉक्टर बार-बार एक व्यक्ति को नशीली दवाई लिख रहा है तो उसकी जानकारी भी देना जरूरी है। स्टेट ड्रग कंट्रोलर मनीष कपूर ने कहा कि चंबा में 6 केमिस्टों के लाइसेंस कुछ समय के लिए सस्पेंड किए गए हैं। क्योंकि इन दुकानों में नशीली और अन्य बीमारी की दवाइयों का रिकॉर्ड सही से नहीं रखा जा रहा था। एक दुकान को नशीली दवाई बेचने वाली परमिशन को हमेशा के लिए रद्द कर दिया गया है।