बताया जाता है कि जिमलगट्टा स्वास्थ्य केंद्र से पट्टीगांव तक कोई पक्की सड़क नहीं है। इसलिए माता-पिता के लिए इन बच्चों को नाले के पानी और कीचड़ के बीच अपने कंधों पर ले जाना पड़ा। दोनों की मौत से वेलाडी दम्पति शोक में डूब गया।


बताया जाता है कि जिमलगट्टा स्वास्थ्य केंद्र से पट्टीगांव तक कोई पक्की सड़क नहीं है। इसलिए माता-पिता के लिए इन बच्चों को नाले के पानी और कीचड़ के बीच अपने कंधों पर ले जाना पड़ा। दोनों की मौत से वेलाडी दम्पति शोक में डूब गया। 

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